विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री का निर्देश, अपरिहार्य होने पर ही वृक्षों की कटान हो, जितने वृक्ष कटें उससे अधिक पौधरोपण सुनिश्चित किया जाए

एनएचएआई सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समन्वय और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी साप्ताहिक एवं मुख्य सचिव पाक्षिक समीक्षा कर परियोजनाओं को समय से पूर्ण कराएं: मुख्यमंत्री

भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों से सीधा संवाद करें, बिचौलियों का हस्तक्षेप न हो: मुख्यमंत्री

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रदेश की अनिवार्य आवश्यकता है, किंतु यह पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा सरकार की नीति है कि किसी भी परियोजना में अपरिहार्य स्थिति में ही वृक्षों की कटान की जाए और जितने वृक्ष कटें, उससे अधिक संख्या में पौधरोपण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री सोमवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा करते हुए उन्होंने एनएचएआई के स्थानीय अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर, सतत और प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी एनएचएआई परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करें। जहां भी किसी स्तर पर कोई विषय लंबित हो, उसे मुख्य सचिव की सोमवारीय समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव स्वयं इन परियोजनाओं की पाक्षिक समीक्षा करें, जिससे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और निर्णय शीघ्रता से लिए जा सकें।

भूमि अधिग्रहण से संबंधित विषयों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीधे किसानों से संवाद स्थापित किया जाए। किसी भी स्थिति में बिचौलियों को हस्तक्षेप का अवसर न मिले, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें और परियोजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परियोजनाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और आमजन की सुविधा से सीधे जुड़ी हैं। अतः सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे उत्तर प्रदेश में सुदृढ़ कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिल सके।

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