कपिल मिश्रा पर कार्रवाई की मांग, बेअदबी विवाद में AAP सांसद का पीएम मोदी को पत्र

नई दिल्ली/पंजाब
दिल्ली विधानसभा के अंदर कथित बेअदबी वाला विवाद थमता नहीं दिख रह है। आतिशी के गुरु तेग बहादुर के कथित अपमान वाले वीडियो पर संग्राम जारी है। मंत्री कपिल मिश्रा समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने इसपर आतिशी से जवाब मांगा है। खुद विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वीडियो फर्जी नहीं है। अब आम आदमी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कपिल मिश्रा की ओर से यह झूठ जानबूझकर फैलाया गया था, जिसका स्पष्ट उद्देश्य सिख धार्मिक भावनाओं को हथियार बनाकर आक्रोश पैदा करना और राजनीतिक लाभ उठाना था। यह केवल एक राजनीतिक गलतफहमी नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किया गया ईशनिंदा (धार्मिक अपमान) का कार्य है।
 
आप सांसद ने पीएम को पत्र में क्या लिखा?
आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि भारत का इतिहास सिख गुरुओं के बेमिसाल बलिदानों से रोशन है, जिन्होंने सत्ता या सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा, मानवीय गरिमा और हर व्यक्ति के अपनी अंतरात्मा के अनुसार जीने के अधिकार के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। गुरु अर्जन देव जी की शहादत से लेकर गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान तक, गुरु परंपरा इस सभ्यता की नैतिक रीढ़ की हड्डी की तरह खड़ी है, जो अत्याचार और झूठ के सामने कभी नहीं झुकी।

मलविंदर सिंह कंग ने आगे लिखा कि आपने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से गुरुओं की विरासत और उनकी अनमोल शिक्षाओं के प्रति अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा और विश्वास व्यक्त किया है। आपके नेतृत्व में, भारत सरकार ने युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान से पवित्र 'श्री गुरु ग्रंथ साहिब' को सुरक्षित वापस लाने और उनकी रक्षा करने में असाधारण दृढ़ संकल्प और संवेदनशीलता दिखाई है। आपके इस कार्य का दुनिया भर के सिखों ने गहरा सम्मान किया और इसे भावुकता के साथ स्वीकार किया। इन कार्यों ने यह साबित किया कि आपकी प्रतिबद्धता केवल एक राजनेता के रूप में नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति के रूप में है जो उस आध्यात्मिक कर्ज को समझता है जो यह देश गुरुओं का ऋणी है।

फर्जी वीडियो से जानबूझकर झूठ फैलाया गया
कंग ने आगे लिखा कि यही कारण है कि वर्तमान घटनाक्रम से गहरी पीड़ा और दुख हो रहा है। पंजाब और दिल्ली दोनों की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्टों ने अब यह पूरी तरह से साबित कर दिया है कि एक छेड़छाड़ की गई और फर्जी वीडियो जानबूझकर फैलाई गई थी। इसका उद्देश्य श्रीमती आतिशी पर सिख गुरुओं के बारे में अपमानजनक बातें करने का झूठा आरोप लगाना था। वैज्ञानिक जांच के नतीजे इसे स्पष्ट कर देते हैं—उनके द्वारा ऐसे कोई शब्द कभी नहीं बोले गए थे।

ऐसे समय में जब सिख समुदाय पूरी श्रद्धा के साथ गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मना रहा था, जिन्होंने धर्म और दूसरों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, इस तरह की हरकतें नैतिकता का घोर उल्लंघन हैं। राजनीतिक लाभ के लिए झूठ और हेरफेर के जरिए गुरुओं की पवित्रता का सहारा लेना उनकी विरासत का एक अक्षम्य अपमान है।

मलविंदर सिंह कंग ने आगे लिखा कि माननीय प्रधानमंत्री जी, गुरुओं की शिक्षाओं में अटूट विश्वास रखने वाले व्यक्ति के रूप में, हम आपकी अंतरात्मा और नेतृत्व पर भरोसा करते हैं। जब आपकी अपनी पार्टी के लोग गुरु परंपरा का अपमान करने वाले कार्यों में शामिल होते हैं, तो आपकी चुप्पी या निष्क्रियता को सहमति के रूप में समझा जा सकता है। इतिहास हमें सिखाता है कि गुरुओं ने कभी भी बेअदबी, छल या अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया, चाहे वह किसी ने भी किया हो।

इसलिए, हम कपिल मिश्रा के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं, जिसमें उन्हें सभी आधिकारिक पदों से हटाना और उनके कार्यों की सार्वजनिक रूप से निंदा करना शामिल है। ऐसी निर्णायक कार्रवाई आपके नेतृत्व को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत करेगी। इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि गुरुओं की पवित्रता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और कोई भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा धर्म से ऊपर नहीं है। सिख समुदाय हमेशा इस राष्ट्र की ढाल और तलवार बनकर खड़ा रहा है। आज, वह कोई उपकार नहीं, बल्कि न्याय और नैतिक स्पष्टता चाहता है। इस समय आपका हस्तक्षेप यह पुष्टि करेगा कि जिन आदर्शों के लिए गुरुओं ने अपने प्राण त्यागे थे, वे आधुनिक भारत में भी सुरक्षित हैं।

 

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