सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच

जयपुर
राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण और प्रभावी निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को निरंतर सुदृढ़ किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों जरूरतमंद नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिला है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की गई है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये प्रतिमाह थी, जिसे बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। जनवरी 2026 में इसे बढ़ाकर 1300 रुपये प्रतिमाह किया गया और अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इस प्रकार विगत दो वर्षों में पेंशन राशि में 450 रुपये की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिल रहा लाभ
प्रदेश में वर्तमान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 91 लाख से अधिक लाभार्थियों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है। इनमें वृद्धजन, विधवा एवं एकल नारी, विशेष योग्यजन (दिव्यांगजन) तथा लघु एवं सीमांत कृषक शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यूनतम आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकें। जनवरी 2026 की पेंशन के बिल भी तैयार कर ईसीएस के लिए भेज दिए गए हैं, जिससे जल्द ही यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो जाएगी।

डीबीटी से पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली को अपनाया है। इसके तहत पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के जनाधार पंजीकृत बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि प्राप्त हो रही है।

तकनीक आधारित पारदर्शी पेंशन प्रणाली
राज्य सरकार ने पेंशन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए इसे सरल और नागरिक-अनुकूल बनाया है। पेंशन से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस किया गया है। जनआधार आधारित सत्यापित डेटा के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिससे पात्र व्यक्ति स्वयं, मोबाइल ऐप या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।

सत्यापन प्रक्रिया को बनाया सरल
यह शर्मा की ही दूरदर्शी सोच है कि पेंशन लाभार्थियों के वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी निरंतर सरल बनाया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक, प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप तथा ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से अपना सत्यापन करवा सकते हैं। यदि किसी कारणवश बायोमेट्रिक सत्यापन संभव नहीं हो पाता, तो संबंधित अधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्वयं अथवा संबंधित पेंशन स्वीकृतिकर्ता अधिकारी के आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से भी सत्यापन किया जा सकता है।

बैंकिंग तकनीकी समस्याओं के समाधान के प्रयास
बैंकों के विलय के कारण आईएफएससी कोड बदलने से कुछ लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से लंबित हो गई थी। राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए हैं और अधिकांश लाभार्थियों की पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए बैंकिंग संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पेंशन पोर्टल पर बैंक वितरण संबंधी डाटा अद्यतन करने की प्रक्रिया पर भी कार्य किया गया है।

कमजोर वर्गों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना भी है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं मिलकर इस उद्देश्य को साकार कर रही हैं।

अंत्योदय की भावना को सशक्त करता निर्णय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज में अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में लगातार वृद्धि और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था इस प्रतिबद्धता को मजबूत बनाती है। पेंशन राशि में हुई यह वृद्धि प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक स्थिरता, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।

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