चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत की अस्मिता का प्रतीक, सीएम योगी बोले – स्वाभिमान और वीरता की अमर गाथा

चित्तौड़गढ़
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग पर आयोजित 'जौहर श्रद्धांजलि समारोह' को संबोधित करते हुए मेवाड़ की धरा को भारत की शक्ति और भक्ति का संगम बताया। जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि चित्तौड़ का किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय नारी के गौरव, अस्मिता और त्याग की अमर गाथा है।

नारी सम्मान और सुरक्षा की प्रेरणा योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महारानी पद्मिनी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जौहर केवल सत्ता का संघर्ष नहीं था, बल्कि यह नारी गरिमा की रक्षा का श्रेष्ठतम उदाहरण था। उन्होंने जोर देकर कहा, "आज का यह कार्यक्रम इस संकल्प का प्रतीक है कि भविष्य में किसी भी बेटी को जौहर जैसे कठिन दौर से न गुजरना पड़े। हर भारतीय नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की गारंटी मिलना उनका अधिकार है।" उन्होंने मेवाड़ को भारत की नई पहचान देने वाली वीर भूमि बताया, जहाँ से पूरे विश्व ने त्याग और बलिदान की परिभाषा सीखी।

जातिवाद और सांस्कृतिक षड्यंत्र पर प्रहार
मुख्यमंत्री योगी ने समाज को बांटने वाली राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, "बांटने वाली राजनीति हमें फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। जो लोग राम और कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देश में अविश्वास का संकट पैदा कर रहे हैं।" उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन को याद दिलाते हुए आह्वान किया कि हमें गर्व से स्वयं को हिंदू कहना चाहिए, क्योंकि हिंदू भाव सबको जोड़ता है, तोड़ता नहीं।

इतिहास का सम्मान और सांस्कृतिक पुनरुद्धार
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को केवल मनोरंजन या पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने उदयपुर और नाथद्वारा जैसे नगरों में बढ़ते व्यावसायिकता पर चिंता जताते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
वहीं, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने घोषणा की कि दुर्ग में पर्यटकों के लिए एक 'एक्सपीरियंस सेंटर' स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है, ताकि यहाँ आने वाले लोग राष्ट्रप्रेम और गौरव की अनुभूति के साथ लौटें।

महत्वपूर्ण गतिविधियां
पुस्तक विमोचन: कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का विमोचन किया गया। पूजा-अर्चना: मुख्यमंत्री योगी ने दुर्ग स्थित जौहर स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, यज्ञ में आहुति दी और कालिका माता मंदिर में देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘जयमल वंश प्रकाश’’ का अतिथियों ने विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट उपलब्ध्यिं के लिए प्रतिभाओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक, विधायक श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, शिव विधायक रवीन्द्र सिंह भाटी, मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे, जहां राज्यमंत्री गौतम दक, सांसद सी.पी. जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्यां, श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, अशोक कोठारी, वीरेन्द्र सिंह कानावत, दिलीप सिंह परिहार सहित जिला कलक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने उनकी अगवानी की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी दुर्ग स्थित जौहर स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।

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