पीएम मोदी का संदेश – युद्ध के बीच अफवाहों से बचें, एकजुट होकर चुनौती का करें सामना

नई दिल्ली
मिडिल ईस्ट संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को एकजुट रहने और अफवाहों से बचने की सख्त सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीति से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने वाले देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं और लोगों से अपील की कि वे सिर्फ सरकार द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में कहा, 'मैं आज मन की बात के माध्यम से देशवासियों से आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है। ऐसे में जो लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का नुकसान कर रहे हैं। मैं देशवासियों से अपील करूंगा कि वे जागरूक रहें, अफवाहों में न आएं और सरकार की तरफ से निरंतर जो जानकारी दी जा रही है उसी पर विश्वास करें।'

प्रधानमंत्री ने कहा, "मार्च का यह महीना वैश्विक स्तर पर बेहद घटनापूर्ण रहा है। हम सभी को याद है कि COVID के कारण दुनिया को लंबे समय तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था। हमें उम्मीद थी कि इस संकट से उबरने के बाद दुनिया एक नई शुरुआत के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगी। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार सामने आती रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में कहा, 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में अब 100 दिनों से भी कम समय बचा है, पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है। अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस जी अपने अरविंद योग सेंटर के जरिए योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे यहां की कई और जगहों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं।' 

'ज्ञान भारतम ऐप' पर शेयर करें फोटो
पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि ज्ञान भारतम सर्वे… इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है. इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम ज्ञान भारतम ऐप है. आपके पास अगर कोई manuscript है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है, तो उसकी फोटो ज्ञान भारतम ऐप पर जरूर साझा करें. अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं. अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं. यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है.

खाड़ी देशों का आभार… 'मन की बात' में PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान खाड़ी देशों का आभार जताया, जिन्‍होंने मुश्किल घड़ी में भारतीयों का साथ दिया. उन्‍होंने कहा, 'वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है. हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं. मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं. निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है. मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर से यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है. मैं सभी देशवासियों से अपील करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में न आएं. 

'भारत कर रहा डटकर सामना
पीएम मोदी ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इस संघर्ष के असर पर भी जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत की ईंधन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, "जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, वह हमारी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा केंद्र है, जिसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल का संकट पैदा हो रहा है। भारत अपने वैश्विक संबंधों, अलग-अलग देशों से मिली मदद और पिछले एक दशक में अपनी बनाई क्षमताओं की बदौलत इन चुनौतियों का डटकर सामना कर रहा है।"

गलत जानकारी पहुंचा सकती है नुकसान
सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से एकजुट रहने और इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह किया। उन्होंने अफवाहें फैलने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि गलत जानकारी से राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंच सकता है और लोगों से अपील की कि वे केवल सरकार की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "यह निस्संदेह एक चुनौतीपूर्ण समय है। 'मन की बात' के माध्यम से मैं एक बार फिर नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे एकजुट रहें और इस चुनौती का सामना करें। जो लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए, क्योंकि यह 140 करोड़ नागरिकों के हितों से जुड़ा मामला है। इसमें स्वार्थ-साधन वाली राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसलिए मैं सभी से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें और गलत जानकारियों से गुमराह न हों।

 

 

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