‘सुन लो ऐ पड़ोसी…’ राजनाथ सिंह की सख्त चेतावनी, बोले- अबकी बार होगा निर्णायक वार

तिरुवनंतपुरम

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी दुस्साहस के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि अगर वह भारत के खिलाफ कार्रवाई करने की कोई योजना बनाता है, तो अबकी बार भारत का जवाब न सिर्फ अभूतपूर्व होगा बल्कि निर्णायक होगा। रक्षा मंत्री ने कहा, "मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।"

तिरुवनंतपुरम में 'वीर सैनिक सम्मान' समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा नेता और रक्षा मंत्री ने बताया कि पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद, भारतीय सैनिकों ने "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान सिर्फ 22 मिनट में ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। उन्होंने घोषणा की कि भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' अब तक का सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशन था। सिंह ने कहा, "पहलगाम में हुई आतंकवादी घटना के बाद, भारतीय सैनिकों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सिर्फ 22 मिनट में ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन था।"

ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ

उन्होंने घोषणा की कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है। सिंह ने कहा, "यह ऑपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। अगर सीमा पार से कोई भी शरारत की जाती है, तो न केवल उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, बल्कि अभूतपूर्व कार्रवाई भी की जाएगी।" रक्षा मंत्री ने आगे कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार पर भारत को निशाना बनाने वाली आतंकवादी घटनाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस सरकार की प्रतिक्रिया केवल दोषियों को "मोटी-मोटी फाइलें" भेजने तक ही सीमित थी, न कि उन्हें कोई ठोस जवाब देने तक।

तब सिर्फ मोटी-मोटी फाइलें सौंपी गई थीं

सिंह ने कहा, "अगर मैं यहां सिर्फ आतंकवाद की बात करूं, तो आपको याद होगा कि जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार सत्ता में थी, तब हालात कैसे थे? आए दिन देश के किसी न किसी हिस्से में कोई न कोई आतंकवादी घटना होती रहती थी, या फिर शहरों में बम धमाकों की खबरें आती रहती थीं। उस समय सरकार की प्रतिक्रिया क्या होती थी?" सिंह ने कहा, "तब सिर्फ मोटी-मोटी फाइलें सौंपी गई थीं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।"

आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस'

उरी हमले के बाद 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का ज़िक्र करते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद को करारा झटका दिया है। उन्होंने कहा, "चाहे वह 'उरी हमले' के बाद की सर्जिकल स्ट्राइक हो, 'पुलवामा' के बाद की एयर स्ट्राइक हो, या हाल ही में 'पहलगाम' की घटना के बाद किया गया 'ऑपरेशन सिंदूर' हो, हमने आतंकवाद के खिलाफ एक ज़ोरदार प्रहार किया है।" उन्होंने कहा कि केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के आने के बाद से आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई गई है।

पेट्रोल या डीज़ल की बिल्कुल भी कमी नहीं

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई है और सरकार के रवैये तथा कार्रवाई के तरीके में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यह बात अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए 'ऑपरेशन' सिंदूर से स्पष्ट होती है। पश्चिम एशिया संकट पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार मध्य पूर्व में चल रही स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल या डीज़ल की बिल्कुल भी कमी नहीं है और पुष्टि की कि भारतीय नौसेना इस क्षेत्र की निगरानी करने और वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय रूप से लगी हुई है।

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