छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री के नियम बदले: अब शाम 4 बजे के बाद मिलेंगे स्पेशल अपॉइंटमेंट स्लॉट

रायपुर
पंजीयन कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन को लेकर लंबे समय से चल रही अव्यवस्था और समय को लेकर शिकायतों के बीच अब बड़ा फैसला लिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की समय-सीमा तय कर दी गई है।
इसके तहत अब नियमित अपॉइंटमेंट शाम चार बजे तक ही मिलेंगे। जबकि चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट ही लिए जाएंगे। इस बदलाव से जहां कार्यप्रणाली में अनुशासन आने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को भी समय पर सेवा मिलने का रास्ता साफ होगा।
वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष अपॉइंटमेंट
छत्तीसगढ़ पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यपालिक अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ, रायपुर द्वारा तीन फरवरी को भेजे गए पत्र के बाद शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बता दें कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक ही नियमित अपॉइंटमेंट दिए जाएंगे। वहीं शाम चार से पांच बजे के बीच केवल विशेष परिस्थितियों में स्पेशल अपॉइंटमेंट ही उपलब्ध होंगे।
इस संबंध में NGDRS (National Generic Document Registration System) प्रणाली संचालित करने वाली एनआइसी को तत्काल तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों को क्या होगा फायदा
नई व्यवस्था से अब अपॉइंटमेंट और वास्तविक काम के समय में टकराव नहीं होगा। इससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। साथ ही स्पेशल अपॉइंटमेंट को अलग स्लॉट मिलने से आपात या विशेष मामलों का तेजी से निपटारा भी संभव होगा।
बता दें कि लंबे समय से पंजीयन कार्यालयों में अपॉइंटमेंट के समय और कार्यालयीन समय के बीच तालमेल नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई बार ऐसा होता था कि अपॉइंटमेंट समय कार्यालय बंद होने के करीब या बाद का होता था, जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती थी।
पहले यह थी समस्या
अब तक अपॉइंटमेंट सिस्टम में समय-सीमा स्पष्ट नहीं थी, जिससे कई बार अंतिम समय में भी बुकिंग हो जाती थी और काम पूरा नहीं हो पाता था। इससे न केवल आवेदकों को परेशानी होती थी, बल्कि कर्मचारियों पर भी अनावश्यक दबाव बनता था।
नई समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंजीयक और उप पंजीयकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।



