साय कैबिनेट की बैठक 30 जून को

रायपुर

छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव के ऐलान के साथ ही मौजूदा मुख्य सचिव अमिताभ जैन की विदाई 30 जून को होगी. इसी दिन साय कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है. माना जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में ही मुख्य सचिव अमिताभ जैन को विदाई दी जाएगी. इससे पहले फरवरी 2014 में तत्कालीन रमन सरकार ने तब के मुख्य सचिव रहे सुनील कुमार को इस तरह की एक कैबिनेट बैठक में विदाई दी थी. कैबिनेट ने सुनील कुमार के कामकाज को सराहा गया था. बैठक खत्म होने के बाद सुनील कुमार अपने कक्ष में आए और अपना सामान लेकर मंत्रालय से निकल गए. कहा जा रहा है कि साय कैबिनेट के लिए सचिवों से एजेंडा बुलाया गया है, लेकिन इस बैठक में शामिल होने वाले तमाम एजेंडों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा अमिताभ जैन को सम्मानजनक विदाई देना भी है.

30 जून को अमिताभ जैन का कार्यकाल खत्म हो रहा है. नए मुख्य सचिव के नाम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है, लेकिन सरकार ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य का नया मुख्य सचिव कौन होगा? न ही सरकार की ओर से इस बात को लेकर किसी तरह का संकेत दिया गया है. अमिताभ जैन के बाद सीनियरिटी में रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल, ऋचा शर्मा, निधि छिब्बर, विकासशील और मनोज पिंगुआ का नाम आता है. अमित अग्रवाल, निधि छिब्बर और विकासशील केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. सुब्रत साहू, ऋचा शर्मा और मनोज पिंगुआ दावेदारों की दौड़ में शामिल हैं.

प्रशासनिक महकमे के सूत्र बताते हैं कि सरकार की नजर दिल्ली से मिलने वाले इशारों पर है. यही वजह है कि अब तक राज्य सरकार ने स्पष्ट तौर पर किसी भी एक नाम को लेकर अपनी ओर से कोई संकेत नहीं दिया है. तमाम नामों पर समीकरणों के मुताबिक चर्चा हो रही है. सीनियरिटी में सबसे ऊपर रहने वाली रेणु पिल्ले नियम कायदों में समझौता करने वाली अफसर नहीं मानी जाती है. इस लिहाज से ब्यूरोक्रेसी के भीतर चर्चा रही है कि सरकार उनके नाम सहमत नहीं हो सकती. ब्यूरोक्रेसी की ही एक चर्चा कहती है कि अमित अग्रवाल छत्तीसगढ़ नहीं लौटना चाहते. निधि छिब्बर और विकासशील को लेकर भी यही नजरिया है. ऋचा शर्मा भी अपनी कार्यशैली के लिए पहचानी जाती हैं. ऐसे में राज्य के भीतर चल रही चर्चा में सुब्रत साहू और मनोज पिंगुआ रेस में आगे बताए जाते हैं, लेकिन यह महज चर्चा भर है.

पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर जिस तरह से प्रशासनिक महकमे का मखौल उड़ा सरकार उससे बचती दिख रही है. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के करीबी माने जाने वाले राजेश राजौरा को मुख्य सचिव बनाए जाने की तैयारियों के बीच दिल्ली ने अनुराग जैन की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति खत्म कर उन्हें मुख्य सचिव बनाकर भोपाल भेज दिया था. कहते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे सबक के तौर पर लिया है. ऐसा न हो कि राज्य सरकार किसी नाम पर सहमत हो और दिल्ली से कोई दूसरा नाम भेज दिया जाए. इसलिए मुख्य सचिव को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट स्थिति बनती नहीं दिख रही है. यह बात और है कि अब राज्य के नए मुख्य सचिव के ऐलान का काउंटडाउन शुरू हो गया है. जाहिर है सरकार ने किसी एक नाम पर मन बना लिया होगा. बावजूद इसके सतह पर यह नाम फिलहाल चर्चा में नहीं आया है.

India Edge News Desk

Follow the latest breaking news and developments from Chhattisgarh , Madhya Pradesh , India and around the world with India Edge News news desk. From politics and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *