जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 में सीएम की घोषणा, आदिवासी छात्रों और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

पटना

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदिवासियों के लिए बड़े ऐलान किए हैं। आदिवासी बाहुल्य जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन का आयोजन होगा। इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख, द्वितीय विजेता को 75 हजार एवं तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये का इनाम मिलेगा। इसके अलावा कैमूर के अधौरा में जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्ष का जीवन जी रहे हैं, वहां भी डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनाए जाएंगे, इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में बुधवार को जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अन्तर्गत 'बिरसा लिब्स इन न्यू भारत' थीम के तहत पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लाभार्थियों के साथ सीएम सम्राट चौधरी ने संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य स्कूलों की स्थापना की गई है, जिसमें बिहार बोर्ड के साथ सीबीएसई बोर्ड के सिलेबस की पढ़ाई कराई जाएगी। इससे अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) समाज के बच्चे आगे बढ़ेंगे।

होम स्टे को बढ़ावा
सीएम ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में पर्यटन के लिए होम स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे लोग आदिवासी संस्कृति को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के तहत लगभग 1 लाख 4 हजार एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। इसमें 4155 आदिवासी समाज के विद्यार्थी हैं। प्री मैट्रिक छात्रवृति के तहत इस साल 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिसमें 1.41 लाख छात्र-छात्राएं एसटी वर्ग के हैं।

बिहार में वन क्षेत्र बढ़ेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बना तो बिहार का हरित आवरण 8-9 प्रतिशत ही रह गया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वन क्षेत्र बढ़ाने के काम किया। इससे बिहार का वन क्षेत्र 15 प्रतिशत हो गया। अब इसे 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि यह साल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। देश की आजादी और आदिवासी समाज के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा का बहुत बड़ा योगदान रहा। वे आदिवासी समाज के नायक थे। बिरसा लिब्स इन न्यू भारत तीम के तहत एससी-एसटी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना की बुधवार को शुरुआत की गई, यह अपने आप में ऐतिहासिक है।

इस कार्यक्रम में एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, विभाग के सचिव संदीप कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के ओएसडी गोपाल सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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