“नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें – डीजीपी कैलाश मकवाणा

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किए जाने वाले राज्यव्यापी नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, रेंज उप पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल एवं इंदौर के पुलिस आयुक्त, समस्त जिला पुलिस अधीक्षक, रेल पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक पीटीएसतथा समस्‍त सेनानी विसबल की बैठक ली।बैठक में अभियान की विस्तृत कार्ययोजना एवं दिन-प्रतिदिन आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी "Vision Document on Narcotics Control 2026-29" की भावना एवं उद्देश्यों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई (Enforcement), सिंथेटिक ड्रग्स एवं प्रीकर्सर के नियंत्रण, नशे की मांग में कमी (Demand Reduction), व्यापक जन-जागरूकता, सामाजिक सहभागिता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को इस अभियान का प्रमुख आधार बनाया गया है। अभियान के माध्यम से कानून प्रवर्तन के साथ-साथ समाज में नशे के प्रति जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन पर भी विशेष बल दिया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में आयोजित "नशे से दूरी है जरूरी"अभियान को प्रदेशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला था और लाखों नागरिकों की सहभागिता से यह एक सफल जनअभियान बना था। उन्होंने अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि"रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। इस वर्ष हमें पिछले अभियान से भी अधिक प्रभावी, व्यापक और परिणामोन्मुखी अभियान चलाना है। प्रत्येक जिला अपने नवाचारों, जनसहभागिता और सकारात्मक प्रयासों से नए कीर्तिमान स्थापित करे।"उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता का वास्तविक पैमाना समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिकाधिक लोगों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना होगा।

 मकवाणा ने कहा कि अभियान के दौरान पुलिस, सामाजिक न्याय विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आबकारी विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगरीय निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर प्रत्येक जिले में साझा कार्ययोजना के अनुसार गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती भी है, इसलिए इसकी रोकथाम में पूरे समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

डीजीपी  मकवाणा ने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक जिला कलेक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान के सफल संचालन हेतु बहुविभागीयकोर कमेटीका गठन करें, जिसमें सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, श्रम, उद्योग, खाद्य, पंचायत, नगरीय निकाय, आबकारी, जनसंपर्क सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हों।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि नगर निगम, नगर पालिका एवं स्थानीय निकायों के सहयोग से प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशनों पर नशामुक्ति संबंधी पोस्टर, बैनर एवं डिजिटल संदेशों का व्यापक प्रदर्शन कराया जाए। साथ ही सिनेमाघरों, एफएम रेडियो, सार्वजनिक परिवहन, एलईडी स्क्रीन तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से अभियान का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अभियान को समाज के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने के लिए नवाचार, प्रभावी जनसंपर्क, अंतर्विभागीय समन्वय एवं सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता दें, ताकि प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल पुलिस का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा अभियान है और प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसके उद्देश्य सफल होंगे।

बैठक में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्‍स  डी निवास वर्मा ने बताया गया कि 15 दिवसीय अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति रैली, ड्रग अवेयरनेस रन, शपथ ग्रहण, विद्यालय एवं महाविद्यालयों में व्याख्यान, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, चित्रकला, निबंध, पोस्टर, स्लोगन एवं रंगोली प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, मोटिवेशनल स्टोरी का प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद, बाजारों एवं मॉल में जागरूकता कार्यक्रम, धार्मिक स्थलों, कारखानों एवं जेलों में विशेष कार्यक्रम तथा खिलाड़ियों एवं खेल प्रशिक्षकों के माध्यम से जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। अभियान का समापन 30 जुलाई को स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया जाएगा।

बैठक में पीएसओ टू डीजीपी डॉ विनीत कपूर, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन, सहायक पुलिस महानिरीक्षक  संजीव कुमार कंचन,  अमृत मीणासहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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