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बिल्डर से अपनो हक लेने और अधिकारियों को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए धरनारत हैं अजनारा निवासी

इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में आज चौथे दिन भी निवासियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। कल से सोसायटी की महिलाओं ने धरने की कमान संभाल रखी है। यह महिलाएं बिल्डर के खिलाफ अँना आक्रोश जता रही है। बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों की कई मांगे हैं।


Ajnara residents are on strike to take their rights from the builder and wake the officials from Kumbhakarni sleep

ज्ञात रहे कि अजनारा ली गार्डन के बाद अजनारा होम्स सोसायटी के लोगों ने भी बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। यह धरना मूलभूत सुविधा व फ्लैट रजिस्ट्री की मांग को लेकर जारी है।

सोसायटी की महिलाओं से बात करने पर पता चला है कि आधे अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर एवं नगण्य सुविधा के साथ वर्ष 2017 से प्रथम फेज के कुछ टावर्स के फ्लैट्स का पजेसन देना प्रारम्भ किया। अधिकतम फ्लैट खरीददारों ने अपने पसीने से कमाए पैसों से तो कुछ ने बैंकों से लोन लेकर फ्लैट्स बुक कराये थे। जो एक तरफ अनवरत अपनी किस्तें ब्याज सहित दे रहे थे। तो दूसरी ओर किराये के घर में रहकर अपने फ्लैट को पाने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी, शासन एवं प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। ऐसे में इतने लम्बे अंतराल के बाद आधे अधूरे मिले फ्लैट में जाने के लिए विवश हुए। इस पूरी आवासीय योजना को तीन फेज में बनाया गया। फेज-1 के फ्लैट्स में पजेसन दिया गया है। अभी कुछ माह पूर्व फेज-3 में निर्मित आधे अधूरे टावर-ओ के फ्लैट्स में पजेसन देना प्रारम्भ किया है, जबकि टावर-एन को अभी तक बनाने में बिल्डर असफल रहा है, जबकि इसके पजेसन की तिथि बहुत पहले निकल चुकी है तथा इसकी प्रगति देखकर लगता नहीं कि बहुत शीघ्र इसे बना पायेगा।

इन महिलाओं से बात करने पर पता चला कि हमने अपनी समस्याओं को ग्रेटर नोॅएडा अथॉरिटी के समक्ष उठाया, शासन को लिखा, अपने माननीय विधायक एवं लोक सभा सदस्य के संज्ञान में लाये किन्तु ऐसा लगता है कि सभी सक्षम संस्थाएं बिल्डर के प्रतिकूल कोई कदम नहीं उठाना चाहती हैं एवं हम जैसे सामान्य नागरिक की समस्याओं का समधान नहीं करना चाहती हैं। वह कौन सी मजबूरी है कि ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी जैसी शक्तिमान संस्था बिल्डर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर पाती।

कुछ महिलाओं ने बताया कि इस पूरे परिदृश्य में देखें तो फ्लैट खरीददारों का जमकर शोषण हुआ है एवं उनको आर्थिक एवं मानसिक यातना से आज भी गुजरना पड़ रहा है। पजेशन के पांच साल बाद भी बिल्डर अभी तक बिल्डर बायर एग्रीमेंट के अनुरूप सुविधाएँ एवं मूलभूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में बुरी तरह फेल हुआ है जबकि कामन एरिया मेंटेनेंस के नाम पर प्रतिमाह एक मोटी रकम मनमानी ढंग से बिजली के प्रीपेड मीटर से काट रहा है। यदि कोई प्रीपेड मीटर से मेंटेंनेस चार्ज देने से मना करता है तो उसके फ्लैट की पावर सप्लाई काट दी जाती है।

इन धरनारत महिलाओं का आरोप है कि बिल्डर के साथ ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए वह धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

India Edge News Desk

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