बिहार पहुंचते ही राहुल गांधी पीएम मोदी पर बोला हमला, उन्हें सरेंडर करने की है आदत

नालंदा

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को राजगीर पहुंचे। वहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संविधान सुरक्षा सम्मेलन का आयुओजं किया गया। वहां उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि एक तरफ गांधी की सोच है, तो दूसरी तरफ सावरकर और गोडसे की सोच। ये लड़ाई आज की नहीं, हजारों साल पुरानी है। संविधान में जो बातें लिखी गई हैं, वह बुद्ध के विचारों से निकली हैं। यही सोच है, जिसे आरएसएस खत्म करना चाहता है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। हमें मिलकर संविधान और सच्चाई की रक्षा करनी है और बिहारियों के बिना संविधान को बचाया नहीं जा सकता।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि मोदी जी को सरेंडर करने की आदत है। मैं आरएसएस से लड़ता हूं और यह बात गहराई से कह रहा हूं कि जैसे ही थोड़ा दबाव पड़ता है, ये लोग तुरंत चिट्ठी लिखने लगते हैं – अब तो ज़माना बदल गया है, चिट्ठी नहीं, व्हाट्सएप कर देंगे। ट्रंप ने 11 बार कहा कि उन्होंने मोदी जी से सरेंडर करवा लिया। मोदी जी इसका खंडन भी नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वो सच्चाई है। राहुल गाँधी ने कहा कि देश की 90% आबादी दुख की शेयरहोल्डर है। इनकी सत्ता और फैसलों में कोई भागीदारी नहीं है। मुझे अपने देश की सच्चाई जाननी है, इसलिए मैं देश का एक्स-रे करना चाहता हूं।

राहुल गांधी ने संविधान सुरक्षा सम्मेलन में पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि हिंदुस्तान में जाति नहीं है, तो फिर वे खुद ओबीसी कैसे हो गए? मेरा लक्ष्य है – जातीय जनगणना। मैंने संसद में मोदी जी की आंखों में आंख डालकर कहा कि देश में जाति जनगणना होकर रहेगी। आप लोग भ्रम में मत रहिए – ये जो जाति जनगणना कर रहे हैं, वो असली नहीं है। जिस दिन इन्होंने असली जाति जनगणना कर दी, उसी दिन इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि जातीय जनगणना के दो मॉडल हैं – एक बीजेपी का, और एक तेलंगाना का। बीजेपी के मॉडल में सवाल कुछ अफसरों ने बंद कमरे में तय किए। उन अफसरों में देश की 90% आबादी का कोई प्रतिनिधि नहीं था।

India Edge News Desk

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