अजित पवार के प्लेन क्रैश से पहले पायलट ने बताई डरावनी सच्चाई, कहा ‘रनवे दिखाई नहीं दे रहा’

बारामती
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। दिग्गज नेता लियरजेट 45 नामक प्रावइेट जेट से जा रहे थे, जोकि लैंडिंग से पहले क्रैश हो गया और हादसे में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत देशभर के तमाम नेताओं ने दुख जताया है। प्लेन ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन उसे गो-अराउंड करके दोबारा आना पड़ा था। पहली बार में पायलट ने कहा था कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन बाद में गो-अराउंड के बाद रनवे दिख गया था।
 
विमान हादसा आज सुबह 8.46 बजे हुआ। सुबह 8.18 मिनट पर प्लेन ने बारामती एयरपोर्ट से संपर्क स्थापित किया था। यह दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का जेट प्लेन था, जिसे अजित पवार इस्तेमाल कर रहे थे। सुबह लगभग 8.10 मिनट पर मुंबई से प्लेन ने उड़ान भरी। मुंबई और बारामती के बीच की दूरी लगभग 256 किलोमीटर है और विमान को 45 मिनट का समय लगता है।

बारामती एयरपोर्ट से विमान लगभग 56 किलोमीटर की दूरी पर था, जब उससे संपर्क किया गया। प्लेन को पुणे द्वारा कंट्रोल लोकल एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को दे दिया गया। इसके बाद विमान को उड़ा रहीं कैप्टन शंभवी पाठक को स्थानीय मौसम की जानकारी दी गई। पायलट ने हवाओं और विजिबिलिटी के बारे में पूछा और उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और विजिबिलिटी तीन हजार मीटर है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर रिपोर्ट किया और कहा कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद, उन्होंने गो-अराउंड किया।

'रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा'
गो-अराउंड एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है, जिसके तहत पायलट जब सफल लैंड नहीं कर पाता है तो वह दोबारा हवा में उड़कर, वापस चक्कर लगाकर लैंडिंग की कोशिश करता है। एविएशन सेक्टर में यह कोई विफलता नहीं, बल्कि इसे सेफ्टी उपाय माना जाता है। गो-अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और पायलट ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर रिपोर्ट किया। उनसे रनवे दिखने पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। उन्होंने जवाब दिया रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, जब रनवे दिखेगा तो कॉल करेंगे। कुछ सेकंड बाद उन्होंने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को 08.43 बजे पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई, हालांकि, उन्होंने लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ भयावह मंजर
रिपोर्ट की मानें तो सुबह 8.43 मिनट पर प्लेन साइलेंट हो गया था, यानी कि उसने सिग्नल भेजना बंद कर दिया था। इस दौरान विमान की गति लगभग 237 किलोमीटर प्रति घंटे की थी। प्लेन भी जमीन से लगभग एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसके बाद सुबह 8.46 बजे एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर ही विमान क्रैश हो गया। घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी में हादसे के बाद धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा है। बता दें कि कंपनी के पास इस फ्लीट में सात लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट (एक दुर्घटनाग्रस्त), पांच Embraer 135BJ एयरक्राफ्ट, चार King Air B200 एयरक्राफ्ट और एक Pilatus PC-12 एयरक्राफ्ट शामिल हैं। पिछला रेगुलेटरी ऑडिट डीजीसीए द्वारा फरवरी 2025 के महीने में किया गया था और कोई लेवल-I फाइंडिंग जारी नहीं की गई थी।

 

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