भारत-ब्राजील संबंधों को नई उड़ान, 20 अरब डॉलर ट्रेड का बड़ा लक्ष्य; पीएम मोदी का खास बयान

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा के साथ नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि लुला के दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत-ब्राजील संबंधों को नई ऊर्जा दी है। राष्ट्रपति लुला ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए हैं, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिली है। पीएम मोदी ने लुला की भारत के प्रति गहरी दोस्ती और विश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा ऐतिहासिक महत्व की है। यह यात्रा जुलाई 2025 में पीएम मोदी की ब्राजीलिया यात्रा के बाद हो रही है, जो 50 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऐसी यात्रा थी।

ब्राजील भारत का लैटिन अमेरिका में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर के आसपास है, जो क्षमता से काफी कम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि व्यापार केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक है। ब्राजील से आए बड़े व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी इस विश्वास को दर्शाती है। भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विस्तार से आर्थिक सहयोग और बढ़ेगा। दोनों देश प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग को अहम मानते हैं, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ब्राजील में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर काम चल रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। दोनों नेता मानते हैं कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और साझा प्रगति का पुल बने।

किन सेक्टर्स पर जोर
ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के संबंध का मजबूत स्तंभ है। हाइड्रोकार्बन के अलावा नवीकरणीय ऊर्जा, इथेनॉल मिश्रण और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल में सहयोग तेज किया जा रहा है। ब्राजील की ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस में सक्रिय भागीदारी हरित भविष्य के प्रति साझा प्रतिबद्धता दिखाती है। इसके अलावा, ब्राजील ने आपदा प्रतिरोधी इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (सीडीआरआई) की सह-अध्यक्षता का प्रस्ताव दिया है, जिसकी पीएम मोदी ने सराहना की। ब्राजील के अनुभव से इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर
इससे पहले राष्ट्रपति लुला को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया, जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। ब्राजील से शीर्ष सीईओ का बड़ा प्रतिनिधिमंडल आया है, जो बिजनेस फोरम में भाग लेंगे। दोनों देश रक्षा, खनिज, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। यह यात्रा भारत-ब्राजील संबंधों को परिवर्तनकारी चरण में ले जा रही है, जहां व्यापार, प्रौद्योगिकी और हरित विकास पर जोर है।

 

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