गैस संकट में अनोखा जुगाड़: सरायकेला में पुराने मोबिल से जल रही भट्टी, बन रहा गर्म नाश्ता

सरायकेला.

पूरे देश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल और रेस्तरां ठप पड़े हैं। मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन चरमरा गई है, तो वहीं सरायकेला के एक होटल मालिक ने बेकार पड़े पुराने मोबिल से चूल्हा जला लिया। न गैस, न लकड़ी, न कोयला फिर भी उनकी भट्टी धधक रही है और ग्राहकों को गर्मागर्म नाश्ता व खाना परोसा जा रहा है।

होटल मालिक ने निकाला जुगाड़
पूरे कोल्हान के कई ढाबे, होटल व रेस्टोरेंट में ताले लटकने लगे हैं। कई जगह मेन्यू सीमित कर लकड़ी-कोयले पर निर्भरता बढ़ी है, तो कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया। लेकिन सरायकेला के इस होटल मालिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने वाहनो से निकलने वाले पुराने मोबिल, बैटरी, पंखा व स्लाईन के पाइप का इस्तेमाल कर हीटिंग तकनीक से लौ पैदा कर ली, जिससे नाश्ता बनाना आसान हो गया। एके लीटर जले हुए मोबाइल से 45 मिनट तक भट्टी को आसानी से जलाया जा सकता है।

ऐसे करता है काम
स्नेक्स एंड चाट नामक होटल के मालिक जितेन कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से वे लोग परेशानी में पड़ गए थे। फिर उन्होंने अपने दिमाग का इस्तेमाल वाहनों से निकलने वाले खराब मोबिल को एक डिब्बे में डाला। डिब्बे के नीचे एक छेद किया और सलाईन चढ़ाने वाले पाइप को उस डिब्बे के छेद में लगाया और पाइप के दूसरे हिस्से को भट्टी से बाहर निकलने वाले एक पाइप में जाकर छोड़ दिया।

उस पाइप के माध्यम से मोबिल जैसे ही भट्टी के पास पहुंचता है उसमें आग लगा दी गई। फिर इस आग को और बढ़ाने के लिए एक 12 बोल्ड का एक पंखा का इस्तेमाल किया गया। इस पंखे को चलाने के लिए एक 12 वोल्ट की बैटरी लगाई गई। पंखे की हवा एक पाइप के माध्यम से सीधे भट्टी के नीचे जल रही आग के पास जाती है और हवा के माध्यम से आग फैल कर भट्टी के ऊपर रखे कढ़ाई में समोसा, सहित अन्य खाद्य पदार्थ बनाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं एक पाइप के माध्यम से एक रेगुलेटर भी लगाया गया है, जो आग को कम बेसी करने में मदद कर रहा है।

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