किम जोंग उन की नौसेना अपना दूसरा डिस्ट्रॉयर फाइटर शिप युद्धपोत क्षतिग्रस्त, अधिकारियों पर गिरी गाज

उत्तर कोरिया

उत्तर कोरियाई प्राधिकारियों ने हाल में नौसेना के डिस्ट्रॉयर शिप का जलावतरण असफल रहने के मामले में शिपयार्ड के तीन अधिकारियों को हिरासत में लिया है। देश के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक पोत को समंदर में उतारने के दौरान ही हादसा हो गया और यह क्षतिग्रस्त हो गया। किम जोंग उन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह आपराधिक लापरवाही के कारण हुआ है।

उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए अहम माना जा रहा 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत अपने जलावतरण समारोह के दौरान बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर कोरिया के नेता किम भी शामिल हुए थे। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में पोत स्थल पर एक ओर पड़ा हुआ और नीले रंग के कवर से ढका नजर आ रहा है। पोत के कुछ हिस्से पानी में डूबे दिख रहे हैं।

देश के दूसरे डिस्ट्रॉयर शिप के जलावतरण में विफलता किम के लिए शर्मिंदगी की बात है। किम अमेरिकी नेतृत्व वाली सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए नौसैनिक बलों को मजबूत करने पर जोर देते हैं। उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अपने पहले विध्वंसक पोत का जलावतरण किया था। यह भी 5,000 टन वजनी पोत है। सरकारी मीडिया ने बताया कि यह पोत उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा एवं सबसे उन्नत युद्धपोत है और इसे परमाणु मिसाइल सहित विभिन्न हथियारों को ले जाने के लिए बनाया गया है।

आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने चोंगजिन शिपयार्ड के मुख्य अभियंता, पोत के एक हिस्से के निर्माण से जुड़ी कार्यशाला के प्रमुख और प्रशासनिक मामलों के उप प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है। प्राधिकारियों ने बताया कि वे बुधवार को जलावतरण असफल रहने के लिए जिम्मेदार हैं।

केसीएनए ने पहले बताया था कि उत्तर कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग ने इस घटना की जांच शुरू करते हुए चोंगजिन शिपयार्ड के प्रबंधक हांग किल हो को तलब किया है। उत्तर कोरिया की प्रमुख सैन्य समिति ने शुक्रवार को कहा था कि जिम्मेदार लोगों को इस ‘अक्षम्य आपराधिक कृत्य’ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

उत्तर कोरिया ने जलावतरण के दौरान युद्धपोत को कोई गंभीर नुकसान पहुंचने की बात से इनकार किया है। उसने कहा कि पोत के निचले में खरोंच आई और समुद्री का कुछ पानी पोत के एक हिस्से में भर गया जिसे निकालने, पोत की मरम्मत करने और खरोंचों को ठीक करने में कुल 10 दिन लगेंगे।

 

India Edge News Desk

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