जापान: सुनामी की चेतावनी के बाद प्रशासन ने खाली कराया फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट

टोक्यो/ मॉस्को 

रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह एक ज़ोरदार भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 मापी गई. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की शहर से 133 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था और इसकी गहराई 74 किलोमीटर थी. इस शक्तिशाली भू-गति ने इलाके में ज़मीन को हिला कर रख दिया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई.

रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में सुबह-सुबह भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 8.8 मापी गई है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार भूकंप समुद्र के नीचे आया, जिसके बाद जापान और अमेरिका की एजेंसियों ने सुनामी का अलर्ट (Tsunami Watch) जारी किया गया है.

रूस के साथ-साथ जापान और अमेरिका के कैलिफोर्निया के तट पर सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है. कहा जा रहा है कि समुद्र में तीन फीट ऊंची लहरें उठ सकती है. इससे कई इलाकों में तबाही हो सकती है.

इसके बाद हवाई और जापान ने सुनामी का अलर्ट जारी किया गया. अब जापान और कुरील आइलैंड में सुनामी आ गई है. इसके साथ ही जापान के फुकुशिमा परमाणु प्लांट को भी खाली करा दिया गया है.भूकंप के तुरंत बाद रूस के साथ-साथ जापान और अमेरिका के हवाई द्वीप समूह के लिए भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई. जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने प्रशांत तटों पर एक मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है. अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, हवाई में समुद्र के जलस्तर में असामान्य परिवर्तन की संभावना है, जिसके चलते तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि फिलहाल किसी भी देश में जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.

वीडियो में कैद हुए भूकंप के भयावह पल

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इस आपदा की गंभीरता को दर्शाते हैं. एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक घर के अंदर फर्नीचर हिलने लगता है, दीवारें थरथराती हैं और लोगों की चीखें गूंजने लगती हैं. कुछ वीडियो में बहुमंज़िला इमारतें झूलती नज़र आती हैं. स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई जगहों पर संरचनात्मक नुकसान की रिपोर्ट मिली है, हालांकि किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है.

अलर्ट पर स्थानीय प्रशासन

रूसी प्रशासन ने तुरंत आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया है. भूकंप प्रभावित इलाकों में बचाव दल भेजे गए हैं और नागरिकों को ऊंचे स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है. स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक परिवहन स्थगित कर दिए गए हैं.

जापान और हवाई में भी तटीय गांवों में लोगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि उथले भूकंपों में सुनामी की आशंका अधिक होती है, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो जाती है.

क्या बढ़ रही है 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' की गतिविधि?

कामचटका प्रायद्वीप 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' नामक भूकंपीय क्षेत्र का हिस्सा है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप और ज्वालामुखी बेल्ट में से एक है. वैज्ञानिक इस भूकंप को इस क्षेत्र में बढ़ती भूगर्भीय गतिविधियों का संकेत मान रहे हैं. हाल के वर्षों में अलास्का, जापान और इंडोनेशिया जैसे इलाकों में भी तीव्र भूकंप आए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सतर्कता की जरूरत महसूस की जा रही है.

जापान में सुनामी के अलर्ट के बाद 19 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है. देश के कई तटीय इलाकों पर सुनामी से तबाही मचने की आशंका है.

– कई सेंट्रल और दक्षिणी अमेरिकी देशों ने भी सुनामी अलर्ट जारी किया है. चिली से लेकर पेरू, इक्वाडोर, मेक्सिको और पनामा में अलर्ट है.

– रूस के कामचटका में 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद लगभग 30 भूकंप के झटके महसूस किए गए.

– हवाई के गवर्नर जॉश ग्रीन ने बताया कि हवाई में छह फीट ऊंची समुद्र की लहरें उठती देखी गईं. गुआम में भी तीन फीट तक लहरें उठने की संभावना है.

– जापान के चिबा में कुजुकुरी समुद्र तट पर सुनामी की छोटी लहरें उठती देखी गईं. जापान के होक्काइडो में सुनामी की चेतावनी जारी किए जाने के बाद लोग इमारतों की छतों पर इकट्ठा हो गए हैं.

– यूएस सुनामी वॉर्निंग सेंटर का कहना है कि इक्वाडोर में तीन मीटर से ऊंची समुद्र की लहरें उठ सकती हैं.

– रूस में भूकंप के बाद होनोलूलू और हवाई में समुद्र तट से लोग वापस लौट रहे हैं. लोगों से हवाई के समुद्र तट से दूर रहने को कहा गया है.

– सुनामी की चेतावनी के बाद जापान के लोग टैरेस पर चढ़ गए ङैं. लोगों को इमारतों की छतों पर देखा जा सकता है. पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर का कहना है कि हवाई, चिली, जापान और सोलोमन आइलैंड और इसके आसपास एक से तीन मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं.

– जापान में 16 जगहों पर सुनामी दर्ज की गई. इस दौरान समुद्र की 40 सेंटीमीटर ऊंची लहरें देखने को मिली. इशिनोमाकी पोर्ट पर समुद्र की पचास सेंटीमीटर ऊंची लहरें दिखाई दी.

– अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस में भूकंप के बाद कैलिफोर्निया और हवाई के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी के बाद सतर्कता बरतने को कहा है.

– रूस में भूकंप से किंडरगार्टन स्कूल की इमारत को नुकसान पहुंचा है. अच्छी बात ये रही कि भूकंप के समय इमारत में कोई भी नहीं था.

– सुनामी के अलर्ट के मद्देनज हवाई में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी जा सकती है. यहां के स्थानीय लोग और टूरिस्ट सुनामी की चेतावनी के बाद हवाई छोड़कर जा रहे हैं. यहां तीन से 12 फीट ऊंची समुद्र की लहरें उठने की आशंका है.

– जापान में सुनामी के अलर्ट को देखते हुए फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को खाली करा लिया गया है. 2011 में आए 9.0 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद की सुनामी ने फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचाया था. इस हादसे में सुनामी की लहरों ने संयंत्र के बिजली और कूलिंग सिस्टम को ठप कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप रिएक्टरों में मेल्टडाउन हुआ और रेडियोधर्मी रिसाव की स्थिति बनी.

– न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं है. लेकिन लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है.

– रूस के कामचटका में इसी महीने पांच बार भूकंप आ चुके हैं. चार नवंबर 1952 को कैमचटका में 9 तीव्रता के भूकंप से नुकसान हुआ था.

– रूस के कामचटका में आए भूकंप को 1952 के बाद से अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है.

– कामचटका (Kamchatka) रूस का एक प्रायद्वीप है, जो रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में स्थित है. यह प्रशांत महासागर के किनारे साइबेरिया के पूर्वी छोर पर बसा है. भौगोलिक रूप से यह रूस के मुख्य भूभाग से जुड़ा हुआ है और उत्तर में बेरिंग सागर, दक्षिण में जापान और पूर्व में प्रशांत महासागर से घिरा है.

– अमेरिकी समोआ, एंटार्टिका, कोलंबिया, कुक आइलैंड्स, कोस्टा रिका, अल सल्वाडोर, फिजी, गुआम, गुआटेमाला, होलैंड एंड बेकर, इंडोनेशिया, जार्विस आइलैंड, कैर्मेडिस आइलैंड, किरीबाटी, मार्शल आइलैंड, मेक्सिको, मिडवे आइलैंड, न्यूजीलैंड, निकारागुआ, पलाऊ, पल्मिरा आइलैंड, पनामा, पापुआ न्यू गिनी, पेरू, फिलीपींस, समोआ, ताइवान, टोन्गा और वानुअतु सुनामी की चपेट में आ सकते हैं.

–  दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली भूकंप

1. चिली (1960) रिक्टर स्केल: 9.5

चिली में 1960 में आया भूकंप अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप था. इसे ग्रेट चिली या वाल्दिविया भूकंप कहा जाता है. इसमें 1,655 लोग मारे गए और 20 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए.

2. अलास्का (1964) रिक्टर स्केल: 9.2

अमेरिका के अलास्का में 1964 में तगड़ा भूकंप आया था. इसे ग्रेट अलास्का भूकंप या गुड फ्राइडे भूकंप के नाम से जाना जाता है, इस भूकंप में 130 लोगों की जान गई और 2.3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.

3. सुमात्रा, इंडोनेशिया (2004) रिक्टर स्केल: 9.1

2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में भूकंप आया था, इससे उत्पन्न सुनामी ने दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका में कहर बरपाया था, जिसमें 2.8 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई और 11 लाख लोग विस्थापित हुए थे.

4. तोहोकू, जापान (2011) रिक्टर स्केल: 9.1

यह ग्रेट तोहोकू भूकंप के नाम से जाना जाता है. इस भूकंप और सुनामी ने 15000 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली थी और 1.3 लाख लोग बेघर हो गए थे.

5. कामचटका, (1952) रूस रिक्टर स्केल: 9.0

रूस के कैमचटका में 1952 में भयंकर भूकंप आया था. इसमें इससे उठी सुनामी हवाई द्वीप तक पहुंची और वहां 10 लाख डॉलर से ज़्यादा का नुकसान हुआ था.

6. चिली (2010) रिक्टर स्केल: 8.8

चिली के बायोबायो क्षेत्र में आए इस भूकंप ने 523 लोगों की जान ले ली थी और 3.7 लाख से अधिक घर तबाह हो गए थे, यह भूकंप भी समुद्र के नीचे उत्पन्न हुआ था.

7. इक्वाडोर (1906) रिक्टर स्केल: 8.8

इक्वाडोर और कोलंबिया की सीमा के पास आए इस भूकंप ने भीषण सुनामी उत्पन्न की थी, इस प्राकृतिक आपदा में 1,500 लोगों की मौत हो गई थी.इसकी लहरें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक पहुंची थीं.

8. अलास्का, अमेरिका (1965) रिक्टर स्केल: 8.7

अलास्का के रैट आइलैंड्स के पास 1965 में आया भूकंप 35 फीट ऊंची सुनामी लेकर आया था. हालांकि ये इलाका कम आबादी वाला था, इसलिए जानमाल का नुकसान सीमित रहा.

9. अरुणाचल प्रदेश, भारत (1950) रिक्टर स्केल: 8.6

1950 में भारत के अरुणाचल प्रदेश में 8.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, इसे ‘असम-तिब्बत भूकंप’ के नाम से जाना जाता है. इस भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. इस आपदा में 780 लोगों की जान गई थी.

10. सुमात्रा, इंडोनेशिया (2012) रिक्टर स्केल: 8.6

– उत्तर सुमात्रा के तट से दूर आए इस भूकंप में ज़ोरदार झटके महसूस किए गए थे, हालांकि इस आपदा में ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ और कुछ लोगों की मौतें दिल का दौरा पड़ने से हुईं थीं.

– यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह भूकंप बहुत कम गहराई (करीब 19.3 किलोमीटर) पर आया, जिससे सतह पर तेज झटके और सुनामी की आशंका बढ़ गई है. 

– रूस की तास एजेंसी के मुताबिक, भूकंप की वजह से कई लोगों मामूली रूप से घायल हुए हैं.

– जापान के होक्काइदो, तोहोकु, कान्टोस इजू और ओगासावरा द्वीपों में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कहा कि एक मीटर ऊंची लहरें जापान के तटीय इलाकों तक पहुंच सकती हैं.

– जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा को स्थिति की जानकारी दी गई है और सरकार ने एक आपात बैठक बुलाकर राहत और बचाव कार्यों की तैयारी शुरू कर दी है. इससे पहले जुलाई में भी कामचटका के पास समुद्र में कई भूकंप आ चुके हैं, जिनमें से एक की तीव्रता 7.4 थी.

जापान में तबाही मचा सकती है सुनामी

वहीं, यूएस सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी कहा है कि अगले तीन घंटों में रूस और जापान के कुछ इलाकों में खतरनाक सुनामी लहरें पहुंच सकती हैं. इसके अलावा, फिलीपींस, मार्शल आइलैंड्स, पलाऊ और अन्य द्वीपों में भी हल्की लहरें पहुंचने की आशंका है.

रूस के क्षेत्रीय गवर्नर ने बताया कि अब तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन एक किंडरगार्टन को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने इस भूकंप को दशकों में सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया और तटीय इलाकों में रहने वालों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है.

रूस के सेवेरो-कुरील्स्क शहर में रेस्क्यू जारी

भूकंप और सुनामी के खतरे के बाद रूस के सखालिन क्षेत्र के छोटे शहर सेवेरो-कुरील्स्क से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम चल रहा है. प्रशासन युद्धस्तर पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है. इस बात की पु्ष्टि सखालिन के गवर्नर ने की है. स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने, आपातकालीन निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है.

 

India Edge News Desk

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