भागीरथपुरा में मातम, दूषित पानी से 23 मौतें, 13 मरीज ICU में, 3 वेंटिलेटर पर

इंदौर 

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से फैली बीमारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को एक ही दिन में दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे इस मामले में अब तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 23 तक पहुंच गया है. मृतकों की पहचान 59 वर्षीय कमलाबाई और 64 वर्षीय भगवान दास सबनानी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, दोनों ही मरीज पिछले करीब 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. उन्हें उल्टी-दस्त और तेज कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी और अब दोनों ने दम तोड़ दिया. हालांकि, इन दोनों मौतों को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

बड़ी संख्या में लोग बीमार
भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी की सप्लाई के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नर्मदा पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिल जाने से यह स्थिति बनी है. इसके बाद इलाके में उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में पानी की सप्लाई को बंद कर दिया था और वैकल्पिक रूप से टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और बीमार लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. अस्पतालों में एक्सट्रा बेड और डॉक्टरों की व्यवस्था भी की गई है.

प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठे
पानी के सैंपलों की जांच में खतरनाक बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है, जिसके बाद पूरे इलाके में अलर्ट घोषित किया गया. इसके बावजूद लगातार सामने आ रही मौतों ने प्रशासन की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को जल्द मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए. वहीं, लोग अब भी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं और प्रशासन से साफ और पारदर्शी जानकारी की मांग कर रहे हैं.

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