स्मार्ट मीटर से बदलेगा अनुभव: उपभोक्ताओं को मिलेंगे तेज़ और पारदर्शी बिलिंग के फायदे

चित्तौड़गढ़

अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीएनल) की ओर से चित्तौड़गढ़ जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। वहीं, इसे लेकर आरोप भी लग रहे हैं कि मीटर तेजी से दौड़ेगा। इन सब के बीच निगम ने बड़ा दावा किया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम और उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर बहुत उपयोगी है। सोलर एनर्जी का प्रोडक्शन बढ़ रहा है। ऐसे में सोलर एनर्जी और सरकार के जनरेशन प्लांट से बिजली की आपूर्ति को को कम-ज्यादा करना जरूरी है। स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली की आपूर्ति एवं खपत को सोलर एनर्जी एवं ग्रिड की आपूर्ति से कम ज्यादा किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर ग्रिड फेल होने का खतरा रहेगा।

जानकारी में सामने आया कि एवीएनएल की ओर से जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसका विरोध भी हुआ है। कांग्रेस के नेताओं का भी विरोध में बयान सामने आया था। वहीं, जिले में वृहद स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है। इसे लेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड चित्तौड़गढ़ के अधिशासी अभियंता ऋषभ भार्गव ने बताया कि जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हो गया है। स्मार्ट मीटर लगाना समय की मांग हैं। इससे निगम के साथ उपभोक्ताओं का भी फायदा है। निगम के पास स्टाफ की भी कमी है, जिससे रीडिंग में भी निगम को आसानी रहेगी। उपभोक्ता की गलत बिलिंग की शिकायत का भी निस्तारण होगा। वहीं निगम को आर्थिक फायदा भी होगा।

निगम की बिजली को लेकर रियल डेटा की आवश्यकता
अधिशासी अभियंता ऋषभ भार्गव ने बताया कि समय के साथ चीजों को बदलना जरूरी है। आने वाले समय में सोलर एनर्जी का प्रोडक्शन बढ़ेगा। इसका प्रोडक्शन कितना हो रहा इसकी जानकारी स्मार्ट मीटर से चलेगी। इसमें प्रोडक्शन बढ़ेगा तो सरकार के जनरेशन प्लांट हैं तो उनकी सप्लाई को कम किया जा सकेगा। ऐसा नहीं करते हैं तो ग्रिड फेल होने का खतरा है और सभी तरफ अंधेरा हो जाएगा। वहीं, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता को भी रियल डेटा मिलेगा। उपभोक्ता 24 घंटे में बिजली की खपत देख सकता है। इसके लिए मोबाइल में ऐप डाउनलोड होगा।

केवल दुष्प्रचार, मीटर एक मेजरमेंट यूनिट
अधिशासी अभियंता भार्गव ने बताया कि स्मार्ट मीटर को लेकर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह केवल दुष्प्रचार है। बिजली मीटर केवल एक मेजरमेंट यूनिट है। कोई सा भी मीटर लगाओ तो वह बिजली खपत की गणना ही करेगा। स्मार्ट मीटर समय की मांग भी है।

27 माह, 3.50 लाख उपभोक्ताओं के लगेंगे मीटर
अधिशासी अभियंता ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़ शेष सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगेंगे। जिले में 3 लाख 58 हजार उपभोक्ता हैं। जीनस पावर नाम की कंपनी यह कार्य कर रही है। इसमें 27 माह का समय दिया गया है। इसके अलावा 10 साल का रख रखाव भी इसी कंपनी को करना है।

10 में कार्य शुरू, 7 में हो रहा सर्वे
अधिशासी अभियंता भार्गव ने बताया कि एवीएनएल के हिसाब से चित्तौड़गढ़ जिला 17 उपखंड में बंटा हुआ है। इसमें से 10 में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू हो गया है तथा 7 में सर्वे किया जा रहा है। जिले में अब तक करीब 5 हजार 500 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। इसमें भी शहर में सबसे अच्छी प्रोग्रेस हैं।

India Edge News Desk

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