क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल पटेल

क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता और संवेदनशीलता जरूरी : राज्यपाल  पटेल

दुधारू पशुप्रदाय योजना सबसे गरीब के जीवन में खुशहाली का प्रयास
राज्यपाल  पटेल द्वारा मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना की समीक्षा की

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना सबसे गरीब के जीवन में खुशहाली लाने का उपक्रम है। योजना की प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन में गरीब के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनके हितों की अनदेखी सहन नहीं की जाएगी।

राज्यपाल  पटेल मंगलवार को पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना के संबंध में लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। बैठक का आयोजन जनजातीय प्रकोष्ठ द्वारा किया गया था। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पशुपालन एवं डेयरी विकास  लखन पटेल, जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष  दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास  उमाकांत उमराव, जनजातीय प्रकोष्ठ के सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।      

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशुप्रदाय योजना अति पिछड़ी और गरीब पी.वी.टी.जी. जनजातियों बैगा, भारिया एवं सहरिया के कल्याण के लिए क्रियान्वित है। इस योजना की प्रक्रियाओं और क्रियान्वयन में पारदर्शिता, तत्परता के साथ ही संवेदनशील मनोभाव का होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के पी.वी.टी.जी. जनजातीय जनसंख्या वाले सभी जिलों को योजना के दायरे में लाया जाना चाहिए। राज्यपाल को बताया गया कि योजना के तहत पशु वितरण कार्य की सामुदायिक निगरानी के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सभी दुग्ध समितियों तथा संघों के द्वारा माह में 10-10 दिन के अंतराल पर तीन निश्चित तिथियों पर भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। दूध के मूल्य में भी 2 से साढ़े 8 रुपए तक की वृद्धि की गई है। योजना में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। मिल्क रूट तथा परिवहन की सुगमता वाले ग्रामों में प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों के चयन के साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य ग्रामों में भी हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा। चयनित हितग्राहियों को प्रदाय पूर्व तीन दिवस प्रशिक्षण दिया जाता है। वितरण के बाद 21 दिवस, तीन माह एवं छ माह पर हितग्राही-वार समीक्षा की जाएगी और हितग्राही को परिचयात्मक दौरा भी कराया जाएगा। प्रथमतः एक ही पशु की अंशदान राशि जमा कराकर हितग्राही को एक ही पशु वितरित किया जाएगा। पहले पशु का रखरखाव संतोषजनक पाए जाने पर ही उसे दूसरा पशु 3 माह बाद प्रदाय किये जाने की व्यवस्था की गई है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *