म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया

बैंकॉक
 म्यांमार और थाईलैंड में आए खतरनाक भूकंप से भारी तबाही मचने की आशंका है। थाईलैंड से खतरनाक तस्वीरें सामने आ रहे हैं। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को धड़ाम से जमीन पर गिरते हुए देखा गया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया है कि शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का खतरनाक भूकंप आया है। भूकंप पूरे देश में झटके महसूस किए गए। दिल्ली एनसीआर तक भूकंप के झटके महूसक किए गये हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि भूकंप का केन्द्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर अंदर था, जिससे भारी तबाही की आशंका है। म्यांमार में भूकंप से भारी तबाही, कई इमारतें जमींदोज, इमरजेंसी घोषित .म्यांमार-थाईलैंड भूकंप: भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार- पीएम मोदी.

कोलकाता, इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बैंकॉक में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने के बाद कोलकाता और इंफाल में हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र मध्य म्यांमार में था, जो मोनीवा शहर से लगभग 50 किलोमीटर पूर्व में है। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है।

यूएसजीएस ने एक बयान में कहा कि भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:50 बजे के आसपास म्यांमार के सागाइंग शहर के उत्तर-पश्चिम में 16 किलोमीटर की दूरी पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। बैंकॉक में भी भूकंप से तबाही की आशंका है। लोग अपने घरों से बाहर भागते हुए देखे गए हैं और कुछ वीडियो में खाना खाते समय लोगों को हिलते हुए दिखाया गया। सबसे खतरनाक वीडियो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक है, जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को ताश के पत्तों की तरह धड़ाम से गिरते हुए देखा गया है।

पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया

12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ

भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा
कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए।

बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस
बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे?

एक मिनट तक हिलती रही धरती

सोशल मीडिया वेबसाइट X पर बैंकॉक में आए भूकंप से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि भूकंप के दौरान जमीन करीब एक मिनट तक हिलती रही, जिससे पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला।

भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया पुल

म्यांमार में एतिहासिक शाही महल मांडले पैलेस के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, सागाइंग क्षेत्र के सागाइंग टाउनशिप में एक पुल भूकंप में पूरी तरह नष्ट हो गया। राजधानी नेपीता के अलावा क्यौकसे, प्यिन ऊ ल्विन और श्वेबो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इन शहरों की आबादी 50 हजार से ज्यादा है।

भूकंप से म्यांमार और थाईलैंड में तबाही
म्यांमार से भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक तीन मंजिला मकान को धाराशाई देखा जा रहा है। लोगों को भूकंप के बाद अपनी जान बचाने के लिए भागते देखा जा रहा है।

बैंकॉक में ऊंची इमारत ढहने पर धूल के बादल से भागते लोग दिखाई दे रहे हैं।

इसके अलावा म्यांमार की सीमा से लगे युन्नान और गुआंग्शी प्रांतों में चीनी सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा है कि उन्होंने भूकंप को तीव्रता से महसूस किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक म्यांमार के अवा और सागाइंग क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक पुल शुक्रवार को देश के मध्य भाग में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद ढह गया है। फुटेज में देश के उत्तर से दक्षिण तक बहने वाली इरावदी नदी में गिरने के बाद पुराने सागाइंग पुल के कुछ हिस्से दिखाई दे रहे हैं।

पहला झटका सुबह 11.50 बजे आया

12 मिनट बाद दूसरा झटका महसूस हुआ

भूकंप में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा
कुछ समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया है कि शुक्रवार को म्यांमार में 7.7 और 6.4 तीव्रता के दो लगातार भूकंप आए। दावा किया जा रहा है कि म्यांमार के मांडले में इरावदी नदी पर बना सुप्रसिद्ध अवा ब्रिज गिर गया है। भूकंप में कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप इतना तेज था कि करीब 900 किलोमीटर दूर बैंकॉक में भी इसके झटके महसूस किए गए।

बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढह गई: पुलिस
बैंकॉक पुलिस का कहना है कि दोपहर में थाई राजधानी में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में निर्माणाधीन ऊंची इमारत ढह गई। संभावित हताहतों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस के मुताबिक, बैंकॉक के लोकप्रिय चतुचक मार्केट के पास घटना हुई। इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है कि ढहने के समय साइट पर कितने श्रमिक थे?

भूकंप से जुड़े अपडेट यहां पढ़ें:-

– थाईलैंड और म्यांमार के कई शहरों में इमारतें ढह गई हैं.

– बैंकॉक में टावर जमींदोज हो गया है जबकि दर्जनों लोग लापता हैं.

– USGS का कहना है कि हजारों लोगों के मरने की आशंका है.

– मेघालय के गारो हिल्स में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया.

– सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें गगनचुंबी इमारतों को भूकंप के झटकों की वजह से हिलते देखा जा सकता है. कई इमारतें झुक गई हैं.

धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स हैं. ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं. एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है. इसे ही भूकंप कहते हैं. भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं. जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं.

रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल 1 से 9 तक होती है. भूकंप की तीव्रता को उसके केंद्र यानी एपिसेंटर से नापा जाता है. यानी उस केंद्र से निकलने वाली ऊर्जा को इसी स्केल पर मापा जाता है. 1 यानी कम तीव्रता की ऊर्जा निकल रही है. 9 यानी सबसे ज्यादा. बेहद भयावह और तबाही वाली लहर. ये दूर जाते-जाते कमजोर होती जाती हैं. अगर रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7 दिखती है तो उसके आसपास के 40 किलोमीटर के दायरे में तेज झटका होता है.

कितनी तीव्रता कितनी खतरनाक?

कोई भूकंप कितना खतरनाक है? इसे रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा खतरनाक होता है.

– 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है.

– 2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है.

– 3 से 3.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे मानो बगल से कोई ट्रक गुजर गया हो.

– 4 से 4.9 की तीव्रता के भूकंप में खिड़कियां टूट सकतीं हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं.

– 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में घर का फर्नीचर हिल सकता है.

– 6 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों की नींव को दरका सकता है, ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है.

– 7 से 7.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतें ढह जातीं हैं. जमीन के अंदर पाइप लाइन फट जातीं हैं.

– 8 से 8.9 की तीव्रता के भूकंप में इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े पुल भी गिर सकते हैं.

– 9 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आने पर जमकर तबाही मचती है. कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती हिलती हुई दिखाई देगी. समंदर नजदीक हो तो सुनामी आ सकती है.

India Edge News Desk

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