इंडिया न्यूज़उत्तर प्रदेशउत्तराखंडदिल्ली

अयोध्या विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनेगी : पुष्कर सिंह धामी

Advertisement

इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अयोध्या, राम व अयोध्या पर्व एक दूसरे के पर्याय हैं। भगवान राम के व्यक्तित्व व कृतित्व को जीवन में उतार सकें तो यही हमारे जीवन की सार्थकता होगी। अयोध्या विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनेगी। वह गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति राजघाट पर चतुर्थ अयोध्या पर्व के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

Advertisement

उन्होंने कहा कि आज का दिन कुछ विशेष है। हनुमान जयंती है, अयोध्या पर्व का शुभारंभ हो रहा है। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को देखना व सुनना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जब वह विद्यार्थी थे तो अयोध्या गए थे। रामलला को टेंट में देखा तो मन व्यथित हुआ। आराध्य भगवान राम टेंट में हैं। यह सोचा करता था। अब जब मंदिर निर्माण शुरू हुआ तो पिछले अक्तूबर में दर्शन करने गया तो मन को आत्मिक शांति मिली। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद व साधुवाद दिया। कहा कि भगवान श्रीराम जिससे जो चाहते हैं, उसी से कराते हैं। माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के समय में मंदिर निर्माण हो रहा है। भगवान श्रीराम उसी को श्रेय देते हैं, जो कर सकता है। मोदी जी वह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम की महिमा का ज्ञान तब हुआ जब चार जुलाई 2021 को उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का दायित्व मिला। कहा कि वह भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हैं। उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में विधानसभा चुनाव जीते। उत्तराखंड के इस चुनाव परिणाम से एक मिथक भी टूटा कि उत्तराखंड में एक बार कांग्रेस तो अगली बार भाजपा। श्री धामी ने कहा कि चुनाव का युद्ध तो जीत गए लेकिन व्यक्तिगत लड़ाई हार गए तो मन बहुत व्यथित हुआ। रामचरित मानस की एक पंक्ति जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए को आत्मसात कर शांत हो गए और आज जो हूं आपके सामने हूं।

उन्होंने कहा कि भगवान उन्हीं का साथ देते हैं, जो उनका अनन्य भक्त होता है। 2013 की त्रास्दी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने तत्कालीन सरकार से केदारनाथ के नए सिरे से विकास का प्रस्ताव किया था लेकिन सरकार ने स्वीकार नहीं किया। 2014 में माननीय मोदी जी प्रधानमंत्री हुए अब केदारनाथ धाम भव्य रूप में है। श्रीधामी ने कहा कि इस बार केदारनाथ यात्रा के सभी रिकार्ड टूटने वाले हैं। कहा कि केदारनाथ धाम की तरह बद्रीनाथ धाम का विकास किया जाएगा। इसके लिए 250 करोड़ रूपये से काम शुरू हो गया है।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि श्री धामी, मणिराम दास छावनी अयोध्या के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, अयोध्या पर्व के संरक्षक रामबहादुर राय, पद्मश्री जवाहर लाल कौल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के सामने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

Advertisement

समारोह के शुभारंभ अवसर पर अयोध्या पर्व के बारे में संरक्षक रामबहादुर राय ने अयोध्या क महत्ता को रेखांकित किया। अयोध्या को समझने के लिए चौरासी कोस की यात्रा को जरूरी बताया। कहा कि अयोध्या विवाद करीब पांच सौ साल से चला आ रहा था। किसको पता था कि पहले अयोध्या पर्व के कुछ ही दिनों बाद विवाद एक सुखद निर्णय में रूपांतरित हो जाएगा। श्री राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपनी पुस्तक में इसकी कहानी भी लिखी है। बताया है कि जिस दिन सुनवाई पूरी हो रही थी, उस दिन कोई बड़ा हस्तक्षेप का उन्हें अंदेशा हुआ। उन्हें उनके रजिस्ट्रार ने एक व्यक्ति की पर्ची दी थी लेकिन वह मिले नहीं। दूसरी बार फिर पर्ची दी लेकिन वह मिले नहीं। इसकी उन्होंने परवाह नहीं की। इस प्रकार अयोध्या पर्व में एक उल्लेखनीय तत्व जुड़ गया। अयोध्या पर्व अयोध्या की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का पर्व है।

पद्मश्री व वरिष्ठ पत्रकार जवाहर लाल कौल ने अयोध्या की व्याख्या करते हुए कहा कि अयोध्या वह है, जहां युद्ध नहीं हो सकता या कोई भी जिससे युद्ध करना ही न चाहे या फिर जीतना न चाहे। गीता में अर्जुन को भगवान कृष्ण ने विराट रूप का दर्शन करवाया, उसका संदेश था कि बगैर शौर्य के नम्रता और शांति नहीं हो सकती भगवान राम में शौर्य था, नम्रता और शांति थी। अयोध्या एक आदर्श है। जो संस्कार, सौहर्द और समभाव का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने अयोध्या के स्वरूप को लेकर कहा कि अयोध्या को केंद्र में रखकर कुछ इस तरह से विकसित किया जाना चाहिए, जो ज्ञान, विज्ञान और भारतीय मनीषा आदि विधाओं का केंद्र रहे। कहा कि प्रयास यह होना चाहिए कि अयोध्या पर्व की शुरूआत जिस बड़े लक्ष्य को लेकर की गई है, वह प्रभावित न हो।

Advertisement

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सन् 1528 से स्वतंत्रता प्राप्ति और स्वतंत्रा के बाद 1983 तक राम मंदिर को लेकर चली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। सन् 1984 में शुरू हुए राम मंदिर आंदोलन की चर्चा की। विहिप के तत्कालीन अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री अशोक सिंहल के नेतृत्व में लंबे चले आंदोलन के बारे में लोगों को बताया। कहा कि नौ नवंबर 2019 को न्यायालय के फैसले के बाद इतिहास के सत्य को सभी ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति के बारे में बताया। साथ ही कहा कि दिल्ली में अयोध्या की चर्चा अयोध्या पर्व के जरिए लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में अयोध्या संसार के लोगों को आकर्षण का केंद्र होगी। अयोध्या आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी बनेगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने संविधान की धारा 30 की चर्चा की। कहा कि इसके जरिए मठ-मंदिरों से पहुंचने वाले सरकारी कोष के पैसे पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों को बताया गया है। उन्होंने इसे विषमता करार दी। कहा कि देश पर संकट है। इस संकट को समाप्त करके ही राष्ट्र की अखंडता को बनाया जा सकता है। बहुसंख्यक समाज दो नंबर का नागरिक बन गया है। जब तक धारा 30 खत्म नहीं होती और देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं होती यह विषमता दूर नहीं होगी। राष्ट्र रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग भी उन्होंने उठाई, कहा कि सभी लोग एकजुट होकर राष्ट्र को इस संकट से उबारें। समान नागरिक संहिता लागू की जाए।
इसके पूर्व सांसद व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस की स्थायी समिति के सभापति रमेश विधूड़ी ने आयोजन स्थल पर चौरासी कोसी परिक्रमा के बीच पड़ने वाले स्थलों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

Advertisement

अयोध्या पर्व में स्थापित सीता रसोई व अयोध्या हाट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने किया।

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अयोध्या पर्व के संयोजक व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि अयोध्या पर्व के आयोजन का उद्देश्य अयोध्या की महिमा व गरिमा को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सन् 2019 में अयोध्या पर्व की शुरूआत की पृष्ठभूमि और भविष्य में आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। कहा कि अयोध्या पर्व दिल्ली के साथ अन्य शहरों में भी किया जाएगा। श्री सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हवाले से कहा कि उन्होंने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लेकर समिति का गठन कर दिया है।

Advertisement

अयोध्या पर्व की संध्या बेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत अवध का प्रसिद्ध फरवाही नृत्य की प्रस्तुति भी कलाकारों के द्वारा की गई। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी, भाजपा नेता नरेश सिरोही, मनमोहन सिंह चावला, मधुप्रीत कौर, रामेश्वर राय, नगर निगम अयोध्या की पार्षद अशोका द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, देवेंद्र राय, राकेश सिंह, उमेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य इंद्रभान सिंह सहित विभिन्न स्थानों के सैंकड़ों लोग आदि मौजूद रहे।

Advertisement

Advertisement

India Edge News Desk

Follow the latest breaking news and developments from Chhattisgarh , Madhya Pradesh , India and around the world with India Edge News newsdesk. From politics and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.
Back to top button