प्रदेश में हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग की सुविधा

प्रदेश में हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में करियर काउंसलिंग की सुविधा

कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये, अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई

कौशल विकास की प्रमुख दो योजना

भोपाल

प्रदेश में शासकीय हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिये करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उचित चयन श्रेष्ठ करियर कार्यक्रम में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो पाये हैं। उनके अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर उसी कक्षा में प्रवेश के लिये काउंसलिंग की जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो आगे की पढ़ाई निरंतर नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हार के आगे जीत कार्यक्रम में आईटीआई पाठ्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी देकर उन्हें व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस कार्य के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर और करियर काउंसलर की सेवा लेने के लिये कहा गया है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना

इस योजना में आवेदकों को अपनी ग्राम पंचायत ग्राम रोजगार सेवक के साथ दाखिला लेने की आवश्यकता है। आवेदक को ट्रेनिंग सेंटर के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके लिये आवेदक को आवश्यक पहचान-पत्र, इनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड एवं अन्य जानकारी रोजगार सेवक को देनी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण के बाद ऋण उपलब्ध कराने में आवेदक को पूरी मदद दी जायेगी।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देशभर में एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस योजना में 3 माह, 6 माह और एक साल के लिये युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाता है। कौशल संबंधी कोर्स पूरा करने के बाद सर्टिफिकेट दिये जाने का प्रावधान है। यह सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होता है। इस योजना में भी प्रशिक्षण के बाद ऋण प्राप्त करने की सुविधा है। इस योजना में केन्द्र सरकार ने कई टेलिकॉम कंपनियों को इस कार्य के लिये अपने साथ जोड़ रखा है। मोबाइल कंपनियां इस कार्यक्रम से जुड़े लोगों को मेसेज करके एक फ्री टोल नंबर देंगी, जिस पर केंडिडेट को मिस्ड कॉल देना होगा।

मिस्ड कॉल के तुरंत बाद आवेदक के पास एक नंबर से कॉल आयेगा, जिससे बाद आवेदक इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सुविधा से जुड़ जायेगा। इस प्रक्रिया के बाद आवेदक को उसके निवास के आस-पास ट्रेनिंग सेंटर से जोड़ा जायेगा। केन्द्र सरकार का कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अब तक एक करोड़ 50 लाख से अधिक युवाओं का कौशल उन्नयन कर चुका है। इस योजना में युवाओं को कन्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, हार्डवेयर, फुड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, हेन्ड्रीक्रॉफ्ट, जेम्स और जूलरी समेत 40 क्षेत्र की ट्रेनिंग दिये जाने की सुविधा है। स्कूल शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम के लिये जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिये गये हैं।

 

India Edge News Desk

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