ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे तीन राज्यों को जोड़ेगी, 90 मिनट में पहुंच सकेंगे आगरा, 4612 करोड़ से बनेगा Expressway

ग्वालियर
म्यूजिक सिटी ग्वालियर से ताज नगरी आगरा जाने वालों का सफर जल्द ही आसान होगा। यह होगा ग्वालियर- आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से। इसके लिए तैयारी आरंभ हो गई है। इसके बनने से सड़क मार्ग से ग्वालियर से आगरा 90 मिनट में पहुंच सकेंगे, जबकि अभी तीन घंटे का समय लगता है। इससे डेढ़ घंटे का समय बचेगा। यह एक्सप्रेस-वे उत्तरप्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के 63 गांव की 550 हेक्टेयर भूमि आ रही है। इससे इन जिलों और गांवों के लोगों को भी लाभ होगा।
4612 करोड़ से बनेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे
इस एक्सप्रेस-वे(Gwalior agra Green Field Expressway) पर एकसाथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे। एनएचएआई द्वारा 88.400 किलोमीटर में बनाए जा रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 4612.65 करोड़ रुपए लागत आएगी। इसके लिए उदयपुर की जीआर इंफ्रा कंपनी को कार्य दिया गया है। कंपनी अक्टूबर- 2025 में इसका निर्माण आरंभ करेगी और उसे 30 महीने में इसे पूरा करना होगा। 2028 में यह बनकर तैयार हो जाएगा।
आर्थिक लाभ
आगरा से ग्वालियर एक्सप्रेस(Gwalior agra Green Field Expressway) बनने से यूपी, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच संपर्क बढ़ने से आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर में आईटी इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक हब, ई-कॉमर्स, रियल एस्टेट और टूरिज्म जैसे सेक्टर को लाभ मिलेगा। चारों जिलों के बीच बस यातायात भी सुगम होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को भी रियल एस्टेट का लाभ मिलेगा।
यह गांव आएंगे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में आने वाले मुख्य शहर……..
मध्यप्रदेश के ग्वालियर और मुरैना। : ग्वालियर के सिर्फ एक गांव सुसैरा की 5 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी। मुरैना के दिमनी, चंबल क्रॉस व मुरैना रोड सहित 25 गांव की 250 हेक्टेयर भूमि आएगी।
उत्तरप्रदेश के आगरा : आगरा के देवरी आगरा बायपास, इरादत नगर, श्मशाबाद व सोसा सहित 18 गांव की 132 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी।
राजस्थान- धौलपुर: धौलपुर के राधा खेड़ा, मछरिया सहित 23 गांव की 162 हेक्टेयर भूमि इसमें आएगी।
31 पुल, छह फ्लाई ओवर व एक रेलवे ओवर ब्रिज बनेगा
ग्वालियर– आगरा सिक्स लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे की लंबाई 88.400 किलोमीटर है। इस प्रोजेक्ट में आठ बड़े पुल, 23 छोटे पुल, छह फ्लाई ओवर, पांच एलिवेटेड वायडक्ट, एक रेल ओवर ब्रिज और 42 अंडर पास बनाए जाएंगे। यहां एक साथ 31435 वाहन गुजर सकेंगे।
एक्सप्रेस-वे की विशेषताएं
100 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार से चल सकेंगे वाहन।
जीपीएस आधारित सिस्टम से उतना ही टोल देना होगा जितना सफर किया होगा।
आईटीएमएस लागू होगा। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरा एक्सप्रेस-वे सीसीटीवी की निगरानी में होगा।
वाहन रुकने पर या हादसा होने पर कंट्रोल रूम से तुरंत एम्बुलेंस पहुंचेगी। फायर फाइटर और क्रेन तक सूचना पहुंचेगी।
पर्यावरण और वन संचरण के लिए सुरंग और वाया डक्ट बनेंगे।
सड़क पर कहीं भी घाट नहीं पड़ेंगे और सभी पहाड़ी इलाकों को री-अलाइन कर दिया जाएगा।