मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए लागू होगी स्वास्थ्य बीमा योजना

भोपाल
 प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होगी। इसमें लाभार्थी को पांच से 25 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। योजना से लगभग 90,000 परिवार लाभान्वित होंगे।

योजना को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंत्रालय में बिजली कंपनियों के कामों की समीक्षा के दौरान दिए।

कर्मचारियों को मिलेंगे ये तीन विकल्प

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बीमा योजना अंशदायी और वैकल्पिक रहेगी।

इसमें तीन विकल्प दिए जाएंगे। पहले में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के बीमा कवरेज के लिए 500 रुपये प्रति माह, दूसरे में 10 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 1000 और तीसरे में 25 लाख रुपये तक के बीमा के लिए 2000 रुपये प्रति माह देना होगा।

    विद्युत कर्मी इसमें से किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं। एलान के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बैठक में यह निर्देश भी दिए कि पूरे वर्ष का लक्ष्य तय करें और उसी अनुरूप ही काम करें।

    उन्होंने कहा, मैं स्वयं त्रैमासिक समीक्षा करूंगा। निर्धारित मापदंड के अनुसार कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, लेकिन जो अधिकारी इसके अनुरूप काम नहीं करेंगे, उन्हें दंडित भी किया जाएगा। इसके आधार पर स्थानांतरण और पदोन्नति भी निर्धारित की जाएगी।

जल्द पूरी करें भर्ती प्रक्रिया

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनरेशन और ट्रांसमिशन कंपनी की नई संगठनात्मक संरचना स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अनुसार जल्द भर्ती की प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही यह निर्देश भी दिए कि सभी कंपनियों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें एक समान होनी चाहिए।

आउटसोर्स कर्मचारियों का भी ईपीएफ जमा होना चाहिए। पीएम जन-मन योजना में 27 हजार 230 घरों में से 17 हजार 739 घरों में विद्युत कनेक्शन दिए जा चुके हैं। शेष काम भी समय पर पूरे किए जाएं।

विद्युत वितरण कंपनियां पारेषण हानि कम करने के लिए कार्य योजना बनाएं। खराब ट्रांसफार्मर समय पर बदलें। न्यायालयीन प्रकरणों में सरकारी पक्ष मजबूती से रखें। विद्युत कटौती और मेंटेनेंस की जानकारी मीडिया में भी दें ताकि कोई भ्रम की स्थिति न रहे।

ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि गत वर्ष हमने एक लाख पौधे लगाए थे, इनकी सुरक्षा की भी चिंता भी करें। साथ ही आगामी पौध-रोपण की कार्य योजना भी बना लें। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अप्रैल तक नए वित्तीय वर्ष की कार्य योजना अनिवार्य रूप से बना लें।

India Edge News Desk

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