एंटरटेनमेंट

कास्टिंग काउच को याद कर छलका ईशा का दर्द

Advertisement

इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

मुंबई : अब तक कई स्टार्स कास्टिंग काउच का शिकार हो चुके हैं। स्टार्स ने आगे आकर इस बारे में खुलकर बात भी की है। एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर भी इस मुश्किल दौर से गुजर चुकी है। ईशा ने काफी समय पहले इसका खुलासा करते हुए कहा था कैसे एक प्रोड्यूसर ने कहा था कि उन्हें हीरो की गुड बुक्स में रहना होगा। फिर हीरो ने उन्हें अकेले में मिलने के लिए बुलाया था। जब उन्होंने मना किया तो उन्हें फिल्म से बाहर निकाल दिया गया। अब एक बार फिर उस घटना को याद कर ईशा का दर्द छलका है।

Advertisement

ईशा ने कहा- ‘मैं पूरी तरह टूट गई थी और मैं निराश हो गई थी, क्योंकि मैंने सोचा था कि ये मायने रखता है कि आप कैसे दिखते हैं और कैसी एक्टिंग करते हैं, लेकिन वास्तव में ये मायने रखता है कि आप हीरो की गुड बुक्स में हैं और गुड बुक्स का मतलब ये है। मुझे लगता है कि हम सभी के अपने दायरे और प्राथमिकता है। मेरे लिए मेरी जिंदगी मेरे काम से बड़ी है। अंत में मेरी अंतरात्मा की आवाज है कि मैं जब आइने में खुद को देखूं तो इस बारे में अच्छा महसूस करूं।’

ईशा ने एक इंटरव्यू में बताया था- ‘मिड 2000 में मुझे एक जाने माने प्रोड्यूसर ने बुलाया था। उसने मुझे कहा था कि मुझे हीरो की गुड बुक्स में होना है। मुझे समझ नहीं आया कि उनका मतलब क्या है। तो मैंने हीरो को कॉल किया। उसने मुझे अकेले आकर मिलने के लिए कहा। उस समय उनपर बेवफाई का इल्जाम लग रहा था, तो उसने मुझे मेरे स्टाफ के बिना आने के लिए कहा था। फिर मैंने प्रोड्यूसर को कॉल किया और कहा कि मैं यहां अपने टैलेंट और लुक्स की वजह से हूं। अगर इतने से मुझे काम मिल रहा है तो मेरे लिए काफी है। इसके बाद मुझे फिल्म से बाहर कर दिया गया था।’ काम की बात करें तो ईशा ने फिल्म ‘एक था दिल एक थी धड़कन’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद एक्ट्रेस ‘फिजा’, ‘प्यार इश्क और मोहब्बत’, ‘कांटे’, ‘पिंजर’ और ‘दिल का रिश्ता’ जैसी फिल्मों में नजर आए। साल 2009 में होटल बिजनेसमैन टिम्मी नारंग से शादी की और उनकी 7 साल की बेटी रियाना है।
(जी.एन.एस)

Advertisement
Advertisement

India Edge News Desk

Follow the latest breaking news and developments from Chhattisgarh , Madhya Pradesh , India and around the world with India Edge News newsdesk. From politics and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.
Back to top button