आंकांक्षी ज़िला कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर खंडवा को नीति आयोग से मिला 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार

भोपाल
आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के तहत खंडवा ज़िले ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है। नीति आयोग ने जिले के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की है। नीति आयोग ने प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिये खंडवा ज़िले को 3 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की है। इस उपलब्धि के लिये ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और कुपोषण के खिलाफ व्यापक रणनीति अपनाने के प्रयास प्रमुख रहे हैं।
खंडवा की यह उपलब्धि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि खंडवा की यह उपलब्धि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम के तहत इस तरह की सफलता प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह उपलब्धि खंडवा प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा और एएनएम के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों, मैदानी कार्यकर्ताओं की सराहना की है।
फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को निरंतर प्रशिक्षित कर कार्यक्षमता में की गई वृद्धि
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिये योजनाबद्ध प्रयास किए गए। ज़िले में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया। आउटरीच स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सुविधा पहुंचाई गई। इसके साथ ही फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को निरंतर प्रशिक्षित कर उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि की गई।
हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान कर संस्थागत सुरक्षित प्रसव किया गया सुनिश्चित
ज़िले में मातृ स्वास्थ्य में सुधार के लिये गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, जांच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए नवीन प्रसव केंद्र स्थापित किए गए। चिन्हित उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव सुविधा से सुसज्जित किया गया, जिससे घर पर प्रसव के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया गया। ‘लक्ष्य’ एवं नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (एनक्यूएएस) के तहत ज़िले की 25 स्वास्थ्य संस्थाओं को उन्नत किया गया, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं।
छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण और कुपोषित बच्चों की विशेष देखरेख
ज़िले में शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए समेकित प्रयास किए गये। सम्पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के साथ कुपोषण निदान की सघन कार्यवाही से सकारात्मक परिणाम मिलना प्रारम्भ हुए। ‘मिशन इंद्रधनुष’ के तहत छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पूर्ण टीकाकरण के दायरे में लाया गया। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पूरक पोषण योजनाओं से जोड़ा गया। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से शिशु पोषण और देखभाल पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को किया सशक्त
जिले में 177 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के रूप में क्रियाशील किया गया, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हुईं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचारित किया गया। नॉन-कम्युनिकेबल डिसीज़ (एनसीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाया गया, जिससे मरीजों का समय पर उपचार संभव हुआ।
स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण में पुरस्कार राशि से किए जायेंगे विकास कार्य
कलेक्टर खंडवा श्री ऋषभ गुप्ता ने कहा कि नीति आयोग द्वारा प्राप्त 3 करोड़ रुपए की राशि को स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के चिन्हित क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा, जिससे ज़िले के विकास को और गति मिलेगी।