मलेशिया हॉकी महासंघ ने दिया बड़ा झटका, कर्ज के चलते पाकिस्तान को अजलान शाह कप मे नहीं मिलेगी एंट्री

हैदराबाद
सुल्तान अजलान शाह कप 2025 का आयोजन नवंबर में हो सकता है, उससे पहले मलेशिया हॉकी महासंघ ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दे दिया है. क्योंकि मलेशिया ने कर्ज न चुका पाने की वजह से आगामी सुल्तान अजलान शाह कप के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है. बता दें कि पाकिस्तान पिछले साल इस टूर्नामेंट का उपविजेता रहा था.
पूर्व अधिकारियों की वजह से पाकिस्तानी कर्ज में डूबा
पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के एक सूत्र का कहना है कि, 'पीएचएफ के एक पूर्व अधिकारी ने पिछले अजलान शाह कप के दौरान कुछ गलत निर्णय लिए, जिसके कारण पीएचएफ मलेशियाई हॉकी महासंघ (MHF) के कर्ज में डूब गया'. उनका ये भी कहना है कि पीएचएफ के अधिकारी एमएचएफ के साथ मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में निमंत्रण मिल जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान के मलेशियाई महासंघ के साथ अच्छे संबंध हैं.' मलेशियाई आयोजक पाकिस्तान हॉकी टीम की मौजूदा स्थिति और समय पर बकाया न चुका पाने से खुश नहीं थे, इसलिए उन्होंने पिछले साल के उपविजेता पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया.
भारत के छह साल के अंतराल के बाद खेलने की उम्मीद
बता दें कि पिछले साल फाइनल में पाकिस्तान को हराकर अजलान शाह कप जीतने वाला जापान भी कहीं और मैच होने के कारण टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगा, लेकिन लगातार दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत के छह साल के लंबे अंतराल के बाद टूर्नामेंट में भाग लेने की उम्मीद है.
सुल्तान अजलान शाह कप का इतिहास
बताते चलें कि सुल्तान अजलान शाह कप का नाम मलेशिया के नौवें राजा के नाम पर रखा गया है, जिन्हें हॉकी बहुत पसंद थी. जिसका उद्घाटन संस्करण 1983 में खेला गया था. पहले ये टूर्नामेंट 2 साल पर खेला जाता था लेकिन 1998 से इस टूर्नामेंट का आयोजन हर साल होने लगा. टूर्नामेंट के पहले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी जबकि भारत तीसरे स्थान पर रहा था. ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड 10 बार (1983, 1998, 2004, 2005, 2007, 2011, 2013, 2014, 2016, 2018) यह टूर्नामेंट जीता है. इसके बाद भारत (1985, 1991, 1995, 2009, 2010) पांच बार और पाकिस्तान ने तीन बार (1999, 2000, 2003) ट्रॉफी जीता है.