छत्तीसगढ़

राज्य में पुलिस प्रशासन को त्वरित एक्शन के लिए 61 नए वाहनों की सौगात

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इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में पुलिस प्रशासन को त्वरित एक्शन के लिए 61 नए वाहनों की सौगात दी है।  मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हाईवे पेट्रोलिंग व मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस विभाग के 61 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया। इनमें हाईवे पेट्रोलिंग अंतर्गत 15 वाहन, मानव तस्करी विरोधी इकाई के अंतर्गत 24 वाहन तथा कानून व्यवस्था हेतु 22 वाहन शामिल हैं। हाईवे पेट्रोलिंग की व्यवस्था के तहत राजमार्गों पर आम नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्वाध आवागमन के साथ-साथ सड़क दुर्घटना में तत्काल राहत एवं सहायता करने के उद्देश्य से 15 नए आर्टिगा वाहन उपलब्ध कराए गए है। ये वाहन बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, कबीरधाम, बिलासपुर , कोरबा, जांजगीर चांपा, रायगढ़, सरगुजा एवं बस्तर( जगदलपुर) में संचालित होंगे।

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हाईवे पेट्रोलिंग वाहन में पुलिस बल आवश्यक उपकरण तथा सामग्री से सुसज्जित होकर पूर्व निर्धारित स्थल पर तैनात रहते है तथा सामान्यतः पूर्व निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क खण्ड (सेगमेंट) में भ्रमण करते हैं। संबंधित खण्ड में दुर्घटना की सूचना प्राप्त होने पर हाईवे पेट्रोल तत्काल स्वतः क्रियाशील होकर घटनास्थल पहुंचकर पीड़ित को समुचित सहायता एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तत्काल नजदीकी अस्पताल तक रवाना करने की व्यवस्था करते हैं। क्षेत्राधिकार के थाना को घटना की सूचना देकर आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराते है। यदि घटनास्थल पर किसी प्रकार कानून-व्यवस्था स्थिति निर्मित होती है तो स्थानीय बल के पहुंचने तक कानून-व्यवस्था बनाये रखते है। थाना प्रभारी तथा स्टॉफ के घटना स्थल पहुंचने तक घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए राजमार्ग में आवागमन को सामान्य बनाये रखते है।

प्रदेश में कुल 30 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन पूर्व से जिला रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर तथा कोण्डागांव जिलों में संचालित है। सड़क सुरक्षा मद से एक करोड़ 19 लाख 6 हजार 977 रूपए से 15 नवीन हाईवे पेट्रोल वाहन क्रय किये गए है। इसी तरह मानव तस्करी विरोधी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट द्वारा गुम बच्चों के ऐसे प्रकरण, जिसमें बालक लंबे समय तक बरामद नहीं हो पाता है, तो मानव तस्करी की उपधारणा में प्रभावी विवेचना करना मानव तस्करी के पीड़ितों का बचाव कार्य, पीड़ितों की उचित देखभाल एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराना पुलिस एवं अन्य विभागों के संबंधित अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कराना, मानव तस्करी के अपराधों का रिकार्ड का संधारण करना, अंतर्राज्यीय समन्वय स्थापित करना एवं मानव तस्करी के विरूद्ध जनजागरूकता अभियान का संचालन करना है।

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मानव तस्करी की रोकथाम हेतु पूर्व में राज्य के 11 जिले क्रमश: जिला जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, महासमुंद, बस्तर, नारायणपुर एवं बलरामपुर को एक-एक चार पहिया वाहन, मोटर सायकल एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराये गये थे। इस वर्ष राज्य के सभी जिलों में निर्भया फण्ड के तहत 3.60 करोड़ रूपए से नवीन एएचटीयू की स्थापना एवं पूर्व गठित एएचटीयू के सुदृढ़ीकरण हेतु नए वाहन प्रदान किए गए है। इस फण्ड से कुल 24 हल्का वाहन तथा 46 मोटर सायकल व अन्य संसाधन क्रय कर पूर्व एवं नवगठित प्रत्येक एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट को उपलब्ध कराया गया है।
(जी.एन.एस)

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India Edge News Desk

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