मुख्य समाचारराजनीति

राहुल गांधी ने यूक्रेन की तुलना लद्दाख और डोकलाम से की

इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूक्रेन की तुलना भारत के लद्दाख और डोकलाम से की। उन्होंने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में “आइडियाज फॉर इंडिया” सम्मेलन में यह बात कही। राहुल गांधी ने कहा कि दोनों जगह चीन की सेना भारत की सीमा के अंदर बैठी हुई है। चीन अगर वहां पर निर्णाण कार्य कर रहा है तो वह कुछ बड़ा करने की फिराक में है लेकिन मोदी सरकार इस पर बात ही नहीं करना चाहती। राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने पलटवार करते हुए कहा कि इनको हम इतना ही कहेंगे की ‘गेट वेल सून’।

मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा, ‘इनकी दिक्कत क्या हो गई है कि कभी हिंदुस्तान को पाकिस्तान बताने लगते हैं कभी हिंदुस्तान को यूक्रेन बताने लगेते हैं। हिंदुस्तान को हिंदुस्तान समझने को तैयार नहीं है। इनको हम इतना ही कहेंगे कि ‘गेट वेल सून’। नकवी ने कहा कि हर हिंदुस्तानी हिंदुस्तान की खुशहाली की दुआ करता है लेकिन ये जो सामंती लोग हैं ये विदेश में बैठकर हिंदुस्तान की बदहाली की बद्दुआ करते हैं लेकिन अफसोस इनको निराशा ही हाथ लगती है। उन्होंने कहा, दिक्कत ये है कि सामंती सुरूर में जो चकनाचूर लोग हैं उन्हें आज ये समझ में नहीं आता है कि बिना जमीन के जमीदारी खत्म हो चुकी है, बिना जनाधार के जागीरदारी का युग खत्म हो चुका है। मुख्तार ने कड़ा वार करते हुए कहा, जिस तरह से पार्टी में पलायन चल रहा है, जिस तरह से कांग्रेस पार्टी पूरी तरह बदहाल हो चुकी है उसके बाद भी इनकी बेवकूफियां आसमान पर हैं।

ब्रिटेन दौरे पर गए राहुल ने गैर-लाभकारी थिंकटैंक ‘ब्रिज इंडिया’ द्वारा शुक्रवार को आयोजित ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ सम्मेलन में एक संवाद सत्र के दौरान कहा, “कृपया महसूस करें कि यूक्रेन में जो हो रहा है और लद्दाख व डोकलाम में जो हो रहा है, उसमें काफी समानताएं हैं।” उन्होंने कहा, “डोकलाम में मौजूद चीनी बलों को अरुणाचल प्रदेश, जबकि लद्दाख में तैनात बलों को लद्दाख के लिए तैयार किया गया है। वहां भी समान सिद्धांत लागू किया जा रहा है। चीनी कह रहे हैं कि हम क्षेत्र पर आपके अधिकार को स्वीकार नहीं करते हैं। हां, हम अमेरिका के साथ आपके संबंधों को मान्यता देते हैं।” कांग्रेस नेता ने कहा, “तो हमें समझना होगा कि सीमा पर समस्या है और हमें पसंद हो या न हो, उस समस्या से निपटने की तैयारी करनी होगी। क्योंकि हम अपने क्षेत्र पर अवैध कब्जा नहीं चाहते।” उन्होंने केंद्र सरकार पर चर्चा की अनुमति न देने का आरोप लगाया।

राहुल ने कहा, “चीनी बल आज भारत के अंदर बैठे हैं। उन्होंने पैंगोंग झील के ऊपर एक बड़ा पुल बना लिया है। वे बुनियादी ढांचे का विकास कर रहे हैं। वे निश्चित तौर पर किसी चीज की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन सरकार इसके बारे में बात नहीं करना चाहती है। सरकार चर्चा को दबाना चाहती है। यह भारत के लिए अच्छा नहीं है।” पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच दो साल से अधिक समय से जारी गतिरोध के बीच इस पुल का निर्माण किए जाने की खबरें हैं। चीनी निर्माण से परिचित लोगों ने बुधवार को कहा था कि नया पुल वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से 20 किलोमीटर से अधिक दूर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। भारत ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील पर चीन द्वारा दूसरा पुल बनाए जाने का कड़ा विरोध किया था। नयी दिल्ली ने कहा था कि यह पुल उस क्षेत्र में बनाया जा रहा है, जो लगभग 60 वर्षों से उस देश के ‘अवैध कब्जे’ में है।
(जी.एन.एस)

India Edge News Desk

Follow the latest breaking news and developments from Chhattisgarh , Madhya Pradesh , India and around the world with India Edge News newsdesk. From politics and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.
Back to top button