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अनुसूचित जाति के आर्थिक उत्थान हेतु अनेकों योजनाएं संचालित

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इंडिया एज न्यूज नेटवर्क

कुशीनगर | उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी /जिला प्रबन्धक, उ0प्र0 अनु0जाति वित्त एवं विकास निगम लि0, रश्मि मिश्रा ने बताया कि अनुसूचित जातियों के आर्थिक उत्थान हेतु उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 द्वारा अनु0 जाति के व्यक्तियों/परिवार जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र मे 46080.00 रूपये एवं नगरीय क्षेत्र में रूपये 56460.00 से अधिक न हो, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु योजनायें संचालित है। सभी योजनाओं में आधार कार्ड, पहचान प्रपत्र, दो फोटो तथा तहसील स्तर से निर्गत आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना आवश्यक है। निगम द्वारा संचालित *पं0 दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना* (स्वतः रोजगार योजना) अन्तर्गत अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों को उद्योग/व्यवसाय संचालित करने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से रूपये 20000.00 से लेकर रूपये 1500000.00 लाख तक की योजनाएं स्वीकृत करायी जाती हैं, जिसमें रूपये 10000.00 अनुदान व रूपये 50000.00 से अधिक की योजनाओं में योजना लागत का 25 प्रतिशत भाग 04 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर मार्जिन मनी ऋण के रूप में दिया जाता है। नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना अनुसूचित जाति के बीपीएल श्रेणी के ऐसे परिवार जिनके पास 13.32 वर्गमीटर व्यवसायिक स्थल पर भूमि उपलब्ध हो, उन्हें स्वयं द्वारा दुकान निर्माण कराने हेतु दो किस्तों में 78000.00 रूपये उनके खाते में भुगतान कर दुकान का निर्माण कराया जाता है, जिसमें रूपये 10000.00 अनुदान एवं रूपये 68000.00 बिना ब्याज का ऋण होता है। जिसकी अदायगी 120 समान मासिक किस्तों में करनी होती है। इस योजना में उपरोक्त सभी प्रपत्रों के साथ-साथ भूमि का प्रपत्र एवं जमीन का नजरी नक्शा आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक है।लाण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना लॉण्ड्री एवं ड्राइक्लीनिंग योजना की लागत 216000.00 रूपये तथा 100000.00 रूपये है। जिसमें रूपये 10000 अनुदान एवं क्रमशः 206000.00 तथा 90,000.00 रूपये बिना ब्याज का ऋण होता है। ऋण की अदायगी के क्रम में आवेदक से एक सरकारी सेवक की गारन्टी भी ली जाती है। ऋण की अदायगी 60 समान मासिक किस्तों में करनी होती हैं। अनुसूचित जाति के युवक/युवतियों के आर्थिक उत्थान हेतु *टेलरिंग शाप योजना* संचालित है, जिसकी योजना लागत 20,000.00 रूपये है, जिसमें रूपये 10,000.00 अनुदान एवं 10,000.00 रूपये बिना ब्याज का ऋण होता है। जिला प्रबंधक ने बताया कि उक्त समस्त योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु ग्रामीण क्षेत्र के पात्र अनुसूचित जाति के व्यक्ति अपने विकासखण्ड में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी/सहायक विकास अधिकारी (स0क0) अथवा खण्ड विकास अधिकारी से एवं नगरीय क्षेत्र के पात्र व्यक्ति कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/जिला प्रबन्धक, उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 विकास भवन कुशीनगर के कार्यालय कमरा संख्या 56 में किसी भी कार्यालय कर्मचारी से जानकारी प्राप्त कर उक्त योजनाओं में लाभान्वित होने हेतु दिनांक- 15-05- 2022 तक आवेदन कर सकते हैं।
(जी.एन.एस)

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India Edge News Desk

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