शिवरात्रि : जलाभिषेक कर भोले को खुश करने का प्रयास करने में लगा था भोले का हर भक्त

इंडिया एज न्यूज नेटवर्क
हरिद्वार : उत्तराखंड में हरिद्वार के हर शिवालय मंगलवार को बम बम भोले, जय भोलेनाथ, जय शिवशंकर जैसे नारों से गूंज रहा है, लेकिन शिव शंकर की ससुराल दक्षेश्वर महादेव का नजारा देखने वाला है। शहर में आकर्षक ढंग से सजाए गए भगवान शंकर की ससुराल दक्ष प्रजापति मंदिर में शिवरात्री पर देर रात्रि से ही भक्तों का सैलाव उमड़ने लगा था और यहां पर लम्बी-लम्बी कतारें लग गई थी।
भोले का हर भक्त सबसे पहले भोले का जलाभिषेक कर भोले को खुश करने का प्रयास करने में लगा था और अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा था। बड़े बुजुर्ग, महिला, बच्चे सभी शंकर को मनाने और राजी कर अपनी मनोकामनाए पूरी करने के लिए यहां पर पहुंचे हुए हैं। यही हाल हरिद्वार के हर महादेव मंदिर का है वहा पर भी शिवभक्तों की कतार टूटने का नाम नहीं ले रही है। दक्ष मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी विशेश्वर पूरी महाराज का कहना है कि सावन मास में कोई भी भगवान का जलाभिषेक या पूजा करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
सावन में शिवरात्रि पर भोलेनाथ का अभिषेक करने का विशेष महत्व है और ऐसा करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव सावन में साक्षात रूप में दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर महाराज में विराजमान रहते है और वे लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए ही यहां रहते है और मात्र जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते है। उनका कहना है कि दुनिया के सभी मंदिरों में भगवान शिव लिंग रूप में विराजते हैं और वहां लिंग रूप की पूजा होती है मगर यही एकमात्र मंदिर ऐसा है, जहां भगवान राजा दक्ष के धड़ रूप में स्थापित है। भोले के भक्तों में भगवान शंकर का जलाभिषेक करने की इतनी ललक है कि वे सुबह से ही दक्षेश्वर महादेव पहुंच गए थे और वे सभी लाइन लगाकर अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
भक्तों की माने तो सावन में भगवान शंकर कनखल में अपनी ससुराल में ही विराजते है और इस दौरान शिवरात्रि पर भगवान शंकर का जलाभिषेक करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। गुरु पूर्णिमा से शुरू हुई कांवड़ यात्रा भी मंगलवार को शिवरात्रि पर भगवान भोले के जलाभिषेक के साथ संपन्न हो गई। देश भर से आए करोड़ों भोले के भक्त मनोकामना पूरी होने पर अगले वर्ष दोबारा जल चढ़ाने का संकल्प लेकर अपने-अपने घरों को लौट गए।
(जी.एन.एस)