चौंकाने वाला खुलासा – यूपी में मुस्लिम धर्मांतरण को लेकर बड़ा खेल चल रहा, कन्वर्जन पर 20 हजार रुपये, शादी पर 15 हजार का बोनस

लखनऊ
 उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर धर्मांतरण की कोशिशें चल रही हैं। इसको लेकर कई गैंग मिशन मोड में काम कर रहे हैं। इस बीच धर्मांतरण कराने वालों का रेट कार्ड भी सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूरे परिवार का धर्मांतरण कराने वाले एजेंट को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। वहीं, युवती का धर्म बदल कर शादी कराने की स्थिति में 15 हजर रुपये अतिरिक्त बोनस का प्रावधान किया गया है। मिशनरियों के धर्मांतरण के इस खेल में चर्चित स्कूल से लेकर प्रतिष्ठित संस्थान तक शामिल हैं। ये हवाला एजेंट की तर्ज पर मिशनरियों को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पैसे की कमी नहीं होने से ग्रामीण स्तर तक धर्मांतरण गैंग का जाल फैल गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धर्मांतरण एजेंट प्रचारक के तौर पर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।
ऐसे काम करता है गैंग

धर्मांतरण गैंग के प्रचारक बनकर गांव-गांव तैनात किए गए हैं। ये जरूरतमंदों को टारगेट करते हैं। उनके निशाने पर पैसे की तंगी से जूझ रहे और बीमार लोग होते हैं। ऐसे लोगों को प्रार्थना सभाओं में लाने का जिम्मा प्रचारकों का होता है। मिशनरियों की ओर से हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए प्रचारकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में प्रचारक अपने वर्ग के लोगों को समझाने और धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने में कामयाब होते हैं। इस पूरे अभियान को प्रचारक, पास्टर और पदारी के माध्यम चलाया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि धर्मांतरण गैंग को कुछ चर्चों से भी पैसे मिलने की जानकारी सामने आई है। आईबी के एक पूर्व अधिकारी का दावा है कि जोशुआ प्रोजेक्ट की वेबसाइट धर्मांतरण के पूरे जाल को समझा जा सकता है। स्टडी के नाम पर धर्मांतरण के बढ़ावा दिया जा रहा है।

श्रावस्ती में आया मामला

श्रावस्ती में धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। इसमें पंजाब मॉडल की बात सामने आ रही है। इकौना इलाके में रविवार को धर्मांतरण मामले में हरीश सिंह का नाम आया। उसने पांच साल पहले ही पंजाब में धर्म परिवर्तन कर लिया था। गांव लौटने के बाद झोपड़ी में प्रार्थना सभा आयोजित करने लगा। सुरक्षा एजेंसियों की दबिश के बाद वह गायब हो गया। एसपी घनश्याम चौरसिया ने इस मामले में सीओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया है।

नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इस प्रकार के गिरोह के सक्रिय होने की बात सामने आई है। देवीपाटन मंडल के श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस को कंवर्जन का मामला आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आईजी अमित पाठक का कहना है कि चारों जिलों के एसपी को इस प्रकार के मामलों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला स्तर पर सक्रिय है टीमें

धर्मांतरण के लिए जिला स्तर पर गैंगों को सक्रिय किया गया है। मिशनरियां अब मिशन मुस्लिम चला रही हैं। इसके लिए सबसे अधिक 443 सक्रिय टीम के संगम नगरी प्रयागराज में काम करने की बात सामने आई है। इसके अलावा महराजगंज में 398, बहराइच में 378, श्रावस्ती में 320, बलरामपुर में 330 और गोंडा में 340 टीमों के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।

धर्मांतरण का नेटवर्क फैलाने में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में 333 टमों के जुटे होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, अंबेडकरनगर में 347, सीतापुर में 326, सिद्धार्थनगर में 345, अमेठी में 317, रायबरेली में 323 और पीलीभीत में 346 सक्रिय टीमें अभियान में जुटी हैं। यह सब तब है, जब यूपी में धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई का नियम लागू है।

 

India Edge News Desk

Follow the latest breaking news and developments from Chhattisgarh , Madhya Pradesh , India and around the world with India Edge News newsdesk. From politics and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Back to top button